Top
Begin typing your search...

बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के नए नाम पर नई दिल्ली में मंथन जारी, इनके नामों पर हो रही चर्चा

बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के नए नाम पर नई दिल्ली में मंथन जारी, इनके नामों पर हो रही चर्चा
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

बिहार में वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा के तीन वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसके लिए नए नाम पर नई दिल्ली में मंथन जारी है। दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान बिहार के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत कर नये अध्यक्ष के लिए प्रस्तावित नामों पर विचार कर रहा है। ऐसे में नये नाम के सामने आने को लेकर चर्चा जोरों पर है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नये नामों में कुटुंबा के कांग्रेस विधायक राजेश राम, कदवां से विधायक शकील अहमद खान व प्रदेश कांग्रेस के वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष समीर कुमार सिंह सहित अन्य नाम सामने आ रहे हैं।

वहीं, जानकारी के अनुसार इस बार चार की जगह आठ कार्यकारी अध्यक्षों के मनोनयन पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए भी कई नाम चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्तचरण दास ने नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दलित वर्ग के नेता को प्रमुखता देने की अनुशंसा की है।

हालांकि श्री दास शनिवार को दिल्ली से मणिपुर के लिए रवाना हो गए। पार्टी विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि आलाकमान जब चाहे तब नये अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्षों के नाम की घोषणा करने या निवर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल को जारी रखने के लिए स्वतंत्र है।

देखा जाए तो हालिया कई सालों से बिहार कांग्रेस अंतरकलह से जूझती रही है। बिहार कांग्रेस में ये नई बात नहीं है कि प्रदेश अध्यक्ष चाहे जो भी हो, उसके खिलाफ पार्टी में ही एक धड़ा हमेशा सक्रिय रहता है, बस इस धड़े की अगुवाई करने वालों के चेहरे बदल जाते हैं। जाहिर है कि अध्यक्ष पद से ज्यादा कांग्रेस को अंतरकलह की चिंता है। इसीलिए उम्मीदवार के नाम पर पहले से ही एक राय बनाने की कोशिश की जा रही है।

एक समय में ये कहा जाता था कि बिहार के सवर्ण कांग्रेस के सबसे मजबूत कैडर हैं। लेकिन लालू के साथ 1990 में हाथ मिलाने के बाद ये कैडर तब से ही पार्टी का साथ छोड़ चुका है। सूत्रों के मुताबिक बिहार कांग्रेस में अंदरखाने इस बात की चर्चा भी तेज है कि अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे उम्मीदवार को बिठाया जाए जिससे पुराने कैडरों के बीच एक सकारात्मक संदेश जाए।

सुजीत गुप्ता
Next Story
Share it