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राजेन्द्र पुल: क्षमता 32 टन लेकिन पैसे के बल पर 70 टन की गाड़ी जा रही, फिर टूटा पुल!

ए भाई जरा देख के चलो, आगे भी नहीं, पीछे भी.. दाये भी नहीं..बाएं भी.…......ये फिल्मी गीत आजकल राजेन्द्र पल के लिए सटीक बैठता है?

राजेन्द्र पुल: क्षमता 32 टन लेकिन पैसे के बल पर 70 टन की गाड़ी जा रही, फिर टूटा पुल!
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बेगूसराय : भाई जरा देख के चलो, आगे भी नहीं, पीछे भी.. दाये भी नहीं..बाएं भी.…......ये फिल्मी गीत आजकल राजेन्द्र पल के लिए सटीक बैठता है। अब तो किसी बड़े हादसे का इन्तजार कर रही है सरकार।15 दिनों में पल फिर टूट गई, हादसा टल गया। लेकिन प्रशासन वही रटा रटाया जबाब दे रहा है।

दरअसल...उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली राजेंद्र सेतु की सड़क मार्ग पन्द्रह दिन के अंदर दुबारा क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पहले 15 अगस्त को पुल के हाथीदह छोर के निकट पाया संख्या एक के पास करीब दो फुट सड़क टूट गया था। मरम्मती कराकर परिचालन कराया जा रहा था। गुरुवार को ठीक उसी के बगल में फिर से सड़क का दो फीट हिस्सा टूटकर नीचे रेल पटरी पर गिर गया।

इसे संयोग ही कहें कि कोई हादसा नही हुआ।

छात्र नेता व सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण का कहना है कि पैसे के बल पर ओवरलोडेड वाहनों के गुजरने तथा घटिया मरम्मती के कारण इस पुल का यह हाल है।ओवरलोडेड वाहनों के गुजरने से पुल में जोरदार कम्पन हो रहा है। लेकिन विभाग को इसके समाधान की ओर ध्यान नही है।

फिर से पुल की सड़क टूटने की खबर की सूचना मिलते ही रेल और एनएचआई के अधिकारियों में सनसनी फैल गई है। जानकारी मिलते ही अनं फानन में पुल पर पहुंचकर का निरीक्षण किया। रेल अधिकारियों द्वारा राजेंद्र सेतु से गुजरने वाली वाहनों की अधिकतम क्षमता 32 टन तय की गई थी। लेकिन नियमों की अनदेखी कर 70 टन से 100 टन वाले वाहनों को गुजरते देखा जा रहा है। नतीजा यह हुआ कि गुरुवार को फिर दुबारा सड़क मार्ग का दो फीट भाग टूट गई और एक बड़ी हादसा होते-होते बच गया।



मालूम हो कि 15 अगस्त को राजेन्द्र पुल का सड़क मार्ग के टूटने के बाद भी सम्बंधित अधिकारी सचेत नही हुएहै। टूटे भाग को मरम्मत कर परिचालन कराया जाने लगा। इस दौरान ओवरलोडेड वाहनों को रोकने की कोई व्यवस्था नही की गई। धड़ल्ले से भारी वाहनों का आवागमन जारी रहा। जबकि बीते 15 अगस्त के निरीक्षण में ही दर्जनभर जगहों पर पुल में दरारें देखी गई थी।

एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव नैनन ने बताया कि क्षतिग्रस्त हो चुके पुल के सड़क मार्ग की ठोस मरम्मती के लिए रेल और एनएचआई की टीम बैठक कर रही है।वही पटना और बेगूसराय जिला प्रशासन से मिलकर भारी वाहनों को रोका जाएगा।

रेल ब्रिज के डिप्टी चीफ इंजीनियर शैलेश कुमार ने कहा कि पुल की स्थिति को देखते हुए पटना और बेगूसराय जिलाधिकारी से मिलकर भारी वाहनों को अविलंब रोका जाएगा। इसके लिए पुल के दोनों छोर के प्रवेश से पहले एनएचआई को हाइट गेज लगाने के लिए कहा गया है।

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