Top
Begin typing your search...

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस का नौ महीने का शानदार प्रदर्शन

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस का नौ महीने का शानदार प्रदर्शन
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

• वित्त वर्ष 2021 के 9 महीनों में कंपनी की सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम आय (GDPI) बढ़कर 105.25 रुपये तक पहुंच गयी, जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष यानी 2020 में यह 101.32 अरब रुपये थी, यानी इसमें 3.9 फीसदी की बढ़त हुई. यह इस इंडस्ट्री की बढ़त के अनुरूप ही है.

इसी तरह वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में कंपनी की GDPI बढ़कर 40.34 अरब रुपये तक पहुंच गयी, जो कि 9.2 फीसदी की बढ़त को दर्शाती है. वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में यह 36.93 अरब रुपये थी. वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में इस इंडस्ट्री की औसत बढ़त 4.9 फीसदी थी.

• वित्त वर्ष 2021 के 9 महीनों में कम्बाइंड रेश्यो सुधरकर 99.1 फीसदी तक पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2020 के नौ महीनों में यह 100.5 फीसदी था.

इसी तरह वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में कम्बाइंड रेश्यो सुधरकर 97.9 फीसदी तक पहुंच गया. वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में यह 98.7 फीसदी था.

वित्त वर्ष 2021 के 9 महीनों में कर पूर्व मुनाफा (PBT) 13.4 फीसदी बढ़कर 15.04 अरब रुपये तक पहुंच गया, वित्त वर्ष 2020 के 9 महीनों के लिए यह 13.26 अरब रुपये था. इसी तरह वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के दौरा कर पूर्व मुनाफा 7.3 फीसदी बढ़कर 4.18 अरब रुपये पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में यह 3.9 अरब रुपये था. इसमें वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के दौरान GDPI में 9.2 फीसदी की बढ़त के लिए किया गया अधि‍ग्रहण का एकमुश्त खर्च शामिल है, जबकि प्रीमियम आय का पूरा फायदा पूरे पॉलिसी अवधि‍ के दौरान दिखेगा.



कम्बाइंड रेश्यो = (शुद्ध पेश दावे / शुद्ध प्रीमियम आय) + (प्रबंधन खर्चे– रीइंश्योरेंस पर कमीशन)/ शुद्ध लिखि‍त प्रीमियम)

मैनेजमेंट खर्च = प्रत्यक्ष रूप से हुआ कमीशन भुगतान + रीइंश्योरेंस इनवार्ड पर हुआ कमीशन भुगतान

रिटर्न ऑन एवरेज इक्विटी (ROAE) = कर बाद मुनाफा / (ओपनिंग नेटवर्थ + क्लोजिंग नेटवर्थ)/2)

नेटवर्थ = शेयर कैपिटल + रिजर्व एवं सरप्लस

• वित्त वर्ष 2021 के 9 महीनों के लिए कैपिटल गेन्स 2.92 अरब रुपये का था, जबकि यह वित्त वर्ष 2020 के 9 महीनों के लिए 2.24 अरब रुपये ही था.

o वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में कैपिटल गेन्स 1.08 अरब रुपये का था, जबकि , वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में यह 0.17 अरब रुपये का ही था.

• वित्त वर्ष 2021 के 9 महीनों में कर बाद मुनाफा (PAT) 23.6 फीसदी बढ़कर 11.27 अरब रुपये पहुंच गया, वित्त वर्ष 2020 के 9 महीनों में यह 9.12 अरब रुपये था. इसी तरह वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में कर बाद मुनाफा (PAT) 6.6 फीसदी बढ़कर 3.14 अरब रुपये पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में यह 2.94 अरब रुपये का था.

• वित्त वर्ष 2021 के 9 महीने में रिटर्न ऑन एवरेज इक्विटी (ROAE) 22.4 फीसदी रहा, जबकि वित्त वर्ष 2020 के 9 महीने में यह 21.8 फीसदी था. इसी तरह वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में ROAE 17.6 फीसदी था, जबकि वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में यह 20.3 फीसदी था. इसमें वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के दौरान GDPI में 9.2 फीसदी की वृद्धि के लिए हुआ एकमुश्त अधि‍ग्रहण खर्च शामिल है, जबकि प्रीमियम आय का पूरा फायदा पॉलिसी अवधि‍ में मिलेगा.

• 31 दिसंबर, 2020 को सॉल्वेंसी रेश्यो 2.76 गुना था, जबकि 30 सितंबर 2020 को यह 2.74 गुना था और यह न्यूनतम नियामक जरूरत 1.5 गुना से काफी ज्यादा है. इसी तरह, 31 मार्च 2020 को सॉल्वेंसी रेश्यो 2.17 गुना था.

संचालनात्मक प्रदर्शन की समीक्षा

(₹ अरब में)

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it