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आईटीआई म्यूचुअल फंड ने आईटीआई मिड कैप एनएफओ में 228 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए

आईटीआई मिड कैप फंड के पास अच्छी तरह डाइवर्सिफाइड फंड है. इसमें इंडिविजुअल स्टॉक एक्सपोजर निवेश के समय ही एयूएम के तीन फीसदी तक सीमित कर दिया जाएगा.

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· फंड हाउस की ओर से शुरू किया गया यह 10वां फंड है..

· हम पहले से निर्धारित योजना के तहत 42 शहरों में काम कर रहे हैं...

मुंबई : आईटीआई म्यूचुअल फंड ने अपना परिचालन अप्रैल, 2019 में शुरू किया था. इसने निवेशकों के लिए प्रासंगिक मुख्यधारा के दस निवेश प्रोडक्ट लॉन्च किए, जो उनके लिए बेहद मुफीद थे. इस एएमसी को बड़े कंर्जेवेटिव कैश रिच बिजनेस ग्रुप का समर्थन प्राप्त है. थोड़े ही समय में ग्रुप ने यह सुनिश्चित कर दिया कि एएमसी के अंदर गवर्नेंस, लोग, प्रक्रिया और इन्फ्रास्ट्रक्चर एक स्थिर आकार ले ले ताकि इससे सभी निवेशकों को लंबे समय तक बेहतरीन निवेश अनुभव हासिल हो सके.

आईटीआई मिड कैप फंड एनएफओ 15 फरवरी, 2021 को शुरू हुआ और अब तक इसे पार्टनरों और निवेशकों का जबरस्त रेस्पॉन्स मिला है. अब तक इसने 228 करोड़ रुपये का एयूएम बना लिया है. यह एनएफओ 1 मार्च, 2021 को बंद हो गया. इसमें 1363 लोकेशनों के 2265 डिस्ट्रीब्यूटरों ने ही हिस्सा लिया. इनके जरिये 15500 एप्लीकेशन इकट्ठा किए गए. यह स्कीम सब्सक्रिप्शन के लिए 10 मार्च 2021 को फिर खुली है.

आईटीआई म्यूचुअल फंड के सीईओ और सीआईओ श्री जॉर्ज हेबर जोसेफ ने कहा, " मिड और स्मॉल कैप में निवेश का सही वक्त तब होता है जब इकनॉमी दोबारा से पटरी पर आ रही हो और आय में उछाल दिख रही हो. लॉर्ज कैप म्यूचुअल फंड की दुनिया के उलट मिड और स्मॉल कैप की दुनिया में अंडर-परफॉरमेंस और आउट-परफॉरमेंस के दौर आते रहते हैं. इन म्यूचुअल फंड की दुनिया में तीन से चार साल के अंडरपरफॉरमेंस के बाद काफी अहम आउटपरफॉरमेंस का दौर देखने को मिलता है. 2003, 2008 और 2013 में मिड कैप की वैल्यूएशन काफी अच्छी मानी गई थी. यह दौर एक बार फिर आ गया है और इस समय मिड और स्मॉल कैप फंड में वाजिब-आकर्षक वैल्यूएशन पर निवेश का काफी अच्छा मौका है.

लार्ज कैप और मिड और स्मॉल कैप के बीच डिफरेंशियल वैल्यूएशन निवेशकों को मिड और स्मॉल कैप फंड में निवेश के लिए अहम मौका उपलब्ध कराती है. यह लार्ज कैप स्टॉक्स के ऊपर काफी अहम अल्फा का निर्माण करती है. हम मिड और स्मॉल कैप स्पेस को लेकर काफी बुलिश हैं. अक्टूबर 19 से ही हम इसमें बुलिश रहे हैं. हम पिछले कुछ महीनों से मिड और स्म़ॉल कैप को बेहतर प्रदर्शन करते देख रहे हैं और लगता है कि आगे भी कुछ साल तक यह ट्रेंड चलता रहेगा. "

अब तक आईटीआई म्यूचुअल फंड ने दस स्कीमें लॉन्च की है- इनमें आईटीआई मल्टी कैप फंड, आईटीआई लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड (ईएलएसएस-टैक्स सेविंग फंड) ,आईटीआई आर्बिट्रेज फंड, आईटीआई लिक्विड फंड, आईटीआई ओवरनाइट फंड, आईटीआई बैलेंस्ड एडवांटेज फंड, आईटीआई स्मॉल कैप फंड, आईटीआई बैंक एंड पीएसयू डेट फंड, आईटीआई लार्ज कैप फंड और आईटीआई मिड कैप फंड शामिल हैं.आईटीआई मिड कैफ फंड दसवां एनएफओ है जिसे फंड हाउस ने अभी-अभी पूरा किया है और इसे शानदार रेस्पॉन्स मिला है.

आईटीआई मिड कैप फंड के एनएफओ को मिले शानदार रेस्पॉन्स पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीईओ और सीआईओ जॉर्ज जोसफ ने कहा, " इस एनएफओ को जिस तरह का साकारात्मक रेस्पॉन्स मिला उससे हम काफी खुश हैं. हमारा विलक्षण निवेश दर्शन है – SQL. इस दर्शन के साथ हमारा पारदर्शी कम्यूनिकेशन और पूरे देश में अपने पार्टनरों के साथ हमारे घनिष्ठ कामकाजी संबंध ने हमें बड़े आराम से बाजार में स्थापित किया है.

हम T30 शहरों और कुछ B30 लोकेशनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जहां, से हमें अभी अच्छी रफ्तार नहीं मिल सकी है. हालांकि अखिल भारत स्तर पर (PAN India) डिस्ट्रीब्यूटरों का हमें बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रेस्पॉन्स मिला है. नए एनएफओ के कलेक्शन से यह बात साफ हो गई है. एक टीम के तौर पर हम व्यापक तौर पर अपने पार्टनर्स और निवेशकों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

इस एएमसी ने अप्रैल 2019 में अपना परिचालन शुरू किया था. लेकिन दो साल से भी कम समय में इसने 12721 म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों को अपने पैनल में शामिल कर लिया है. साथ ही 25 शाखाएं भी खोली हैं.फंड हाउस ने अपने कुछ वर्षों में 48 ब्रांच ऑफिस खोलने का फैसला किया है ताकि देश भर में ज्यादा से ज्यादा म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों को जोड़ा जा सके.

आईटीआई म्यूचुअल फंड निवेशकों को सही वक्त पर सही प्रोडक्ट मुहैया कराता है. इसने एसेट मैनेजमेंट स्पेस में नई मिसाल कायम की है. इसका पूरा ध्यान SQL फिलॉसफी है. S का मतलब मार्जिन की सेफ्टी, Q का मतलब बिजनेस की क्वालिटी और L का मतलब लो लिवरेज है. इस फंड हाउस ने काफी मजबूत रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क और ठोस निवेश प्रक्रिया तैयार की है. इसका फोकस बिल्कुल साफ है. इसका ध्यान ऐसी उभरते रिसर्च के तरीकों पर है, जिसके जरिये यह पोर्टफोलिये में शेयरों के सही सेट को चुन सके.

आईटीआई मिड कैप फंड के पास अच्छी तरह डाइवर्सिफाइड फंड है. इसमें इंडिविजुअल स्टॉक एक्सपोजर निवेश के समय ही एयूएम के तीन फीसदी तक सीमित कर दिया जाएगा.

यह फंड बेंचमार्क है. फंड में शेयरों की खरीद के वक्त यह एएमएफआई की ओर से परिभाषित मिड कैप स्पेस पर ही केंद्रित रहता है. इसके तहत पोर्टफोलियो का 80 फीसदी हिस्सा कोर स्टॉक का होता है. टैक्टिकल दांव 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होते. फंड हाउस का मकसद अपने सभी निवेशकों के लिए अच्छा और निरंतरता वाला निवेश अनुभव मुहैया कराना है.

वर्ष 2010 से ही हमारी अर्थव्यवस्था स्लोडाउन के दौर से गुजर रही है. सरकार ने रेरा, जीएसटी और टैक्स कटौती जैसे कुछ स्ट्रक्चरल सुधार के फैसले लिए हैं और इसने अल्पावधि में अर्थव्यवस्था पर असर डाला है लेकिन यह दीर्घावधि के हिसाब से भी काफी असरदार हैं. कोरोना संक्रमण बाद ये सुधार इकोनॉमी के लिए काफी अनुकूल रहे हैं.

अर्थव्यवस्था काफी तेजी से औपचारिक स्वरूप लेने लगी है और हमें इस वक्त निवेश के काफी अच्छे मौके दिख रहे हैं. इन हालातों में हम अर्थव्यवस्था को लेकर काफी बुलिश हैं और ऐसे शेयरों में निवेश कर रहे हैं जो अगले एक दशक में संपत्ति निर्माण लिहाज से बेहतरीन साबित होंगे.

कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट रही है और बाजार में अब कमाई बढ़ने वाली है. इस समय हम पूरी तरह मिडकैप में निवेश में यकीन रखते हैं. इनमें निवेश वास्तव में अच्छा मुनाफा देने वाला साबित हो सकता है. अगले पांच साल में इसमें काफी अच्छा रिस्क एडजेस्टेड रिटर्न मिल सकता है.

Shiv Kumar Mishra
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