Begin typing your search...

भोग बना प्रेम जब तो राष्ट्र की प्रीत मैं लिखने लगा..

भोग बना प्रेम जब तो राष्ट्र की प्रीत मैं लिखने लगा..
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

भोग बना प्रेम जब तो राष्ट्र की प्रीत मैं लिखने लगा

प्रेम हो तो राधा सा ध्यान को ही मीत मैं लिखने लगा

जब भूल गये सब मान जब पश्चिम के परिधान में

तब लेखनी थाम कर जागरण के गीत मैं लिखने लगा

बात आये देश की तो हर पटल पर जीत मैं लिखने लगा

रावणों के राज में मैं राघववाली रीति मैं लिखने लगा

और जब ना रूके जंग की तकरार तीर वातलवार से भी

तब लेखनी थाम कर जागरण के गीत मैं लिखने लगा

- अभिषेक द्विवेदी

Desk Editor
Next Story
Share it