दिल्ली

''तुम तारो मुझे 'गोपाल', जनता ने डुबो दी नैया मेरी...''

Special Coverage News
25 Oct 2019 11:31 AM IST
तुम तारो मुझे गोपाल, जनता ने डुबो दी नैया मेरी...
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हरियाणा में गोपाल कांडा को लेकर मनीष सिसोदिया ने किया ट्विट

हरियाणा में जब बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तब निर्दलियों के सहारे सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई. इस प्रक्रिया में पहले एक केस को लेकर काफी बदनाम रहे निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा की अहम भूमिका है.

इस बात को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिनका कांड हरियाणा की जनता ने कर दिया अब वो गोपाल भजन गाने में लगे हैं . ''तुम तारो मुझे 'गोपाल', जनता ने डुबो दी नैया मेरी. वैसे इस तस्वीर में देखिए..ज़रा कौन कौन है जो गोपाल कांडा जी की सेवा सत्कार के लिए बेचैन हैं.

कौन हैं गोपाल कांडा, जो हरियाणा में नई सरकार बनाने में निभाएंगे अहम रोल

हरियाणा (Haryana) की सियासत (Politics) में एक बार फिर गोपाल कांडा (Gopal Kanda) सुर्खियों में है. सियासी चर्चाओं पर जाएं तो अगले एक-दो दिन में गोपाल कांडा हरियाणा में नई सरकार (Haryana Government) बनवाने में अहम किरदार निभा सकते हैं. सिरसा विधानसभा सीट (Sirsa Assembly Seat) से चुनाव जीते गोपाल को बीजेपी ने दिल्ली (Delhi) आने का संदेश दिया. जिसके बाद बीजेपी की सांसद सुनीता दुग्गन उन्हें और कुछ अन्य निर्वाचित निर्दलियों को लेकर गुरुवार रात चॉर्टड प्लेन से दिल्ली पहुंचीं.

हुड्डा सरकार में गृह राज्यमंत्री रहे थे गोपाल कांडा

गोपाल कांडा के सियासी सफर में भी कई उतर-चढ़ाव आए हैं. एक वक्त वो था कि जब गोपाल कांडा भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में गृह राज्यमंत्री थे. इस बार भी कांडा सिरसा सीट पर महज 602 वोटों से जीत हासिल कर हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) से विधायक बने हैं. वर्ष 2009 में कांडा निर्दलीय विधायक चुने गए थे. उस वक्त भी कांडा ने सरकार गठन में अहम रोल निभाया था.

वर्ष 2012 में अचानक आए सुर्खियों में आए थे

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार गोपाल कांडा और उनके भाई गोविंद कांडा हरियाणा की सियासत में खासा दखल रखते हैं. उनकी गिनती यहां के रसूख वाली सियासी हस्तियों में होती है. लेकिन वर्ष 2012 वो वक्त था जब अचानक से गोपाल कांडा का नाम सुर्खियों में आ गया. कांडा की खुद की एयरलाइंस में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी गीतिका शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी. इस केस के बाद कांडा कई तरह के आरोपों में घिर गए. विपक्ष ने उन्हें कई मोर्चों पर अपने निशाने पर लिया था.

10 दिन बाद कांडा ने किया था आत्मसर्मपण

जानकार बताते हैं कि आत्महत्या के उस मामले में जो सुसाइड नोट मिला था उसमें गोपाल कांडा और उनकी ही कंपनी के एक अन्य कर्मचारी का नाम सामने आया था. इसके बाद कांडा की परेशानियां बढ़ गईं थी. घटना के 10 दिन बाद कांडा ने आत्मसमर्पण कर दिया था. कांडा को कई महीने तक जेल में भी रहना पड़ा था.

हुड्डा सरकार से कांडा ने दिया था इस्तीफा

महिला कर्मचारी की आत्महत्या के बाद जब कांडा पर तमाम तरह के कई आरोप लगे तो उन्होंने तुरंत ही हुड्डा सरकार में गृह राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. 18 महीने जेल में रहने के बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी. रिहाई के बाद कांडा ने लोकहित पार्टी का गठन किया था.

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