

M-777 Ultra light Howitzer: इस महाविनाशक हथियार से भागता हुआ दुश्मन भी बच नहीं पाएगा.भारत ने नए तोपों को सेना में शामिल किया गया है. इसके जरिए दुश्मन के बंकर, छावनी और गुप्त सुरंग को उड़ाने में आसानी होगी. आइए जानते हैं इनमें और कौन सी खास बात है.
India-Pakistan-China Border: भारतीय सेना में M-777 Ultra light Howitzer को शामिल किया गया है जो पलक झपकने से पहले ही दुश्मन तक काम तमाम करने में सक्षम हैं. अब पाकिस्तान ही नहीं बल्कि चीन के लिए भी इन तोपों का सामना करना आसान नहीं होगा क्योंकि इन तोपों में ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी यूज की गई है जिससे निकलने वाले आग के गोले दुश्मन पर निशाना सटीक तरीके से लगा सकते हैं और बदलते टारगेट को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं.लंबे समय से भारत और उसके पड़ोसी मुल्कों के साथ रिश्तों में तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है. ऐसे में कई बार सीमा पार से भारत पर बुरी नजर डालने वाले पाकिस्तान और चीन अब थरथर कांपने वाले हैं. इन एडवांस तोपों की खास बात यह है कि इसने निकलने वाले गोलों को बीच रास्ते में भी मोड़ा जा सकता है.
दुश्मन पर निशाना लगाना आसान
सूत्रों की मानें तो इसमें लॉन्ग रेंज मैन्यूवरिंग प्रोजेक्टाइल (Long Range Manoeuvring Projectile- LRMP) गोलों का इस्तेमाल किया जाएगा जो तोपों की नली से निकलने के बाद किसी रॉकेट में तब्दील हो जाएंगे. इन तोपों के जरिए दुश्मन के बंकर, छावनी और गुप्त सुरंगों को उड़ाने में आसानी होगी.इन तोपों की खास बात है कि इससे भागते हुए दुश्मन पर भी निशाना आसानी से लगाया जा सकता है. भारतीय सेना में M-777 Ultra light Howitzer को शामिल किया गया है जो पलक झपकने से पहले ही दुश्मन तक काम तमाम करने में सक्षम हैं. अब पाकिस्तान ही नहीं बल्कि चीन के लिए भी इन तोपों का सामना करना आसान नहीं होगा क्योंकि इन तोपों में ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी यूज की गई है
बढ़ेगी इंडियन आर्मी की ताकत
एक ओर पाकिस्तान भारत पर छिटपुट हमले करते रहता है और भारतीय सेना भी उसका बखूबी जवाब देते रहती है, वहीं दूसरी ओर चीन की पहले से अरुणाचल प्रदेश के गांव पर नजर है. ऐसे में इन तोपों का भारतीय सेना में शामिल होना रक्षा क्षेत्र को मजबूती देगा.इंडियन आर्मी ने इन तोपों को देश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी सीमा पर तैनात करने का फैसला लिया है. इन तोपों के सेना में शामिल होने से भारतीय सेना और भी सशक्त हो जाएगी. इन तोपों की रेंज 24 से लेकर 40 किलोमीटर तक है. इसे किसी भी मौसम में इस्तेमाल किया जा सकता है.




