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इन दो बयानों से समझ लो सरकार की मंशा, सरकार किसकी गरीब की या अमीर की!

इन दोनों का अंतर समझना चाहते है तो आज नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयान से समझ सकते है

इन दो बयानों से समझ लो सरकार की मंशा, सरकार किसकी गरीब की या अमीर की!
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अगर आप इस कोरोना काल मे अमीरो के प्रति मोदी सरकार का रुख और गरीबो के प्रति मोदी सरकार का रुख. इन दोनों का अंतर समझना चाहते है तो आज नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयान से समझ सकते है.

देश में 25 मई से एक तिहाई घरेलू उड़ाने शुरू हो रही है इस पर बात करते हुए प्रश्न उठा कि घरेलू उड़ानों के यात्रियों को क्वारंटाइन (Quarantine) किए जाने सरकार का क्या रुख है इस सवाल पर पुरी ने कहा कि इस मामले पर व्यावहारिक तरीके से निपटा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को लगता है कि इस तरह के उपायों की आवश्यकता नहीं है.हवाई यात्रियों को इस तरह से 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में भेजा जाना व्यावहारिक नहीं है.'

लेकिन वही गरीब प्रवासी मजदूरों के मामले में मोदी सरकार का रुख बिलकुल उलटा है उन्ही मजदूरों को श्रमिक ट्रेनों में प्राथमिकता से जगह दी गयी है जिन्होंने क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिन बिताए है उसके बावजूद भी इस रेल यात्रा के बाद इन मजदूरों को अपने घर जाने से पहले गाँव के बाहर बने क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया गया है।उन्हें वहां 14 दिनों तक रहना होगा उसके बाद ही गाँव में घर में प्रवेश दिया जाएगा.

Shiv Kumar Mishra
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