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पद्मावती फ़िल्म विवाद प्रकरण: जीतेगा कौन ? राजपूत, अम्बानी, शाह, भंसाली या...

महेश झालानी
17 Nov 2017 11:24 AM GMT
पद्मावती फ़िल्म विवाद प्रकरण: जीतेगा कौन ? राजपूत, अम्बानी, शाह, भंसाली या...
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पद्मावती फ़िल्म पहले से ही झमेले में है । ऐसे में इस फ़िल्म की मुख्य किरदार दीपिका पादुकोण ने यह कह कर आग में घी डालने का काम किया है कि फ़िल्म हर विरोध के बावजूद प्रदर्शित होकर रहेगी। इसी बीच फ़िल्म के निर्देशक और निर्माता संजय भंसाली के पीआर सेल ने यह कर आग की लपटों को और भभका दिया है कि फिल्मों के खिलाफ प्रदर्शन होना फैशन बन गया है। उनकी फिल्म हर मुखालफत हर प्रदर्शन के बावजूद प्रदर्शित होकर रहेगी। पद्मावती की रिलीज तिथि 1 दिसम्बर, 2017 है। इसके प्रदर्शन की सभी तैयारी पूरी करली गई है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 1500 करोड़ से ज्यादा का कारोबार करेगी। बताया यह भी जा रहा है कि इस फ़िल्म में प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अम्बानी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित कई गुजरातियों का मोटा पैसा लगा हुआ है।

ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि रणवीर सिंह के दखल के बाद विवाद दूर हो जाएगा। अधिकांश लोग इन्हें राजपूत समझ कर चल रहे थे। जबकि रणवीर सिंह भवनानी असल मे सिंधी है। एक व्यवसायिक घराने से ताल्लुक रखने वाले रणवीर 400 करोड़ के मालिक है। बताया यह भी जा रहा है कि फ़िल्म में इनका भी निवेश है।
पद्मावती के विरोध को देखते हुए सट्टा मार्केट भी तेजी से सक्रिय होगया है। सट्टा मार्केट के मुताबिक 70 फीसदी लोग इस फ़िल्म के विरोध में तथा 30 फीसदी यह मानकर चल रहे है कि सारे झंझावतों के बाद भी फ़िल्म रिलीज होगी। बहरहाल समूचे देश मे इस फ़िल्म को लेकर तूफान मचा हुआ है। सरकार और केंद्रीय सूचना तथा प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नही आया है। राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बयान दिया है कि विरोध और तोड़फोड़ करने वालो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहाँ बॉबी फ़िल्म का उल्लेख करना प्रासंगिक होगा। जब देश भर में बॉबी का विरोध हो रहा था, तब इसके निर्माता स्व. राजकपूर ने कहा था कि जिस फ़िल्म का जितना ज्यादा विरोध होता है, वह उतनी अधिक सुपर होती है। उनकी फिल्म राम तेरी गंगा मैली होगई, का भी भरपूर विरोध हुआ था।
इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश करना घृणित अपराध है। भविष्य में कोई व्यक्ति भगवान राम को रावण का दोस्त बताता है या और कोई छेड़खानी करता है तो क्या यह बर्दास्त किया जा सकता है ? राजपूतो का गौरवशाली इतिहास रहा है। अभिव्यक्ति के नाम पर कुटिलता के साथ छेड़खानी क्षम्य नही है । हमने अब तक जो इतिहास पढ़ है, उसमे पद्मावती को एक वीरांगना रूप में ही देखा है। आज उसे कोई दूसरे एंगल से प्रस्तुत करता है तो यह इतिहास और समस्त राजस्थानवासियो का अपमान होगा। यदि संजय लीला भंसाली के मन मे कोई खोट नही है तो वह इसका कोई प्रिव्यू क्यो नही दिखाते ? केंद्र सरकार को भी अपनी मंशा स्पस्ट करनी होगी। चुप रहकर किसी के धैर्य की परीक्षा लेना कतई न्यायोचित नही है।
निर्देशक संजय लीला भंसाली
निर्माता
वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स
भंसाली प्रोडक्शन्स
लेखक
संजय लीला भंसाली
प्रकाश कपाड़िया
पटकथा संजय लीला भंसाली
अभिनेता दीपिका पादुकोण
शाहिद कपूर
रणवीर सिंह
संगीतकार संजय लीला भंसाली
छायाकार सुदीप चटर्जी
संपादक जयंत जाधर
संजय लीला भंसाली
अकिव अली
स्टूडियो भंसाली प्रोडक्शन्स
वितरक वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स
प्रदर्शन तिथि(याँ)
1 दिसम्बर 2017
देश Flag of India.svg भारत
भाषा हिन्दी
राजस्थानी
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