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बर्थ एनिवर्सरी : जब एक हादसे के बाद खामोश हो गए थे जगजीत सिंह, पत्नी ने भी छोड़ दी थी गायकी

Arun Mishra
8 Feb 2018 6:45 AM GMT
बर्थ एनिवर्सरी : जब एक हादसे के बाद खामोश हो गए थे जगजीत सिंह, पत्नी ने भी छोड़ दी थी गायकी
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'झुकी झुकी सी नजर..', 'कागज की कश्‍ती', 'होश वालों को खबर क्‍या' जैसी गजलें लोगों के दिलों में बसती हैं.
मुंबई : गजल सम्राट जगजीत सिंह की आज 76वीं बर्थ एनिवर्सरी हैं। बॉलीवुड में जगजीत सिंह का नाम एक ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपनी गजल गायकी से लगभग चार दशक तक गजल के दीवानों के दिल पर अमिट छाप छोड़ी। 8 फरवरी 1941 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में जन्में जगजीत सिंह के बचपन का नाम जगमोहन था लेकिन पिता के कहने पर उन्होंने अपना नाम बदल लिया।

जगजीत सिंह ने जलंधर के ऑल इंडिया रेडियो स्‍टेशन के लिए लाइव कॉन्‍सर्ट करने से अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में अपने करियर को एक नई ऊंचाई देने के लिए वह मुंबई शिफ्ट हो गए थे। मुंबई में उन्‍होंने हर तरह के काम किए। वरली में चार दोस्‍तों के साथ रहने वाले जगजीत खाना खाने के लिए रोज दादर जाते थे, जहां एक रेस्‍तरां में उन्‍हें मुफ्त खाना दिया जाता था। धीरे-धीरे जगजीत, गजलों की दुनिया का एक जानामाना नाम बन गए।

म्यूजिक में बचपन से ही उनकी काफी रूचि थी। संगीत की शिक्षा उन्होंने उस्ताद जमाल खान और पंडित छगनलाल शर्मा से हासिल की। लेकिन एक हादसे ने उन्हें खामोश कर दिया था।

जगजीत सिंह ने चित्रा से शादी की थी। हालांकि, चित्रा पहले से शादीशूदा थीं, लेकिन जगजीत सिंह ने चित्रा के पति से ही उन्हीं का हाथ मांग लिया था। चित्रा और जगजीत सिंह ने शादी कर ली। दोनों ने साथ में कई गजलें गाई। इस जोड़ी का एक बेटा हुआ, विवेक। लेकिन एक कार हादसे में उनके बेटे की मौत हो गई। ये घटना साल 1990 में घटी थी। उस समय उनके बेचे की उम्र 18 साल थी।

बेटे के ऐसे अचानक चले जाने से चित्रा तो जैसे पूरी तरह से टूट गईं थीं और उन्होंने गायकी से दूरी बना ली थी। वहीं जगजीत सिंह भी पूरी तरह से टूट गए थे। उन्हें करीब से जानने वालों का मानना था कि उनकी गजल में जो तड़प और दुख झलकता है, वे इसी हादसे को बयां करता है।

जगजीत सिंह ने अपने गायकी के करियर में करीब 150 से ज्यादा एल्बम बनाई हैं लेकिन 10 अक्टूबर 2011 में लोगों के दिलों पर राज करने वाली ये आवाज शांत हो गई। साल 2003 में जगजीत सिंह को भारत सरकार की ओर से पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। अपनी गायकी से लोगों के बीच अमिट छाप छोड़ने वाले जगजीत सिंह ने 10 अक्टूबर 2011 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

जगजीत सिंह के गाये सुपरहिट गानों की लंबी फेहरिस्त में कुछ हैं, होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो, झुकी झुकी सी नजर, तुम इतना क्यों मुस्कुरा रहे हो, तुमको देखा ता ये ख्याल आया, तेरा घर ये मेरा घर, चिट्ठी ना कोई संदेश, होश वालो को खबर क्या आदि। आज भले ही जगजीत सिंह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी जादुई आवाज आज भी लोगों को अपना बनाने का दम रखती है।
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