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रूपाणी का इस्तीफा, मतलब मोदी वर्सेज शाह

सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से रूपानी और मोदी के बीच बातचीत बंद है। रूपाणी की मोदी से आखिरी बातचीत 19 मई को हुई थी

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गुजरात का बच्चा बच्चा जानता है कि विजय रूपाणी, गृह मंत्री अमित शाह का आदमी है, उनको मुख्यमंत्री बनाने के लिए अमित शाह ने मोदी के विरोध को दरकिनार कर पूरी ताकत लगा दी थी। लेकिन यह भी सच है कि गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल पूरी तरह से नरेंद्र मोदी के आदमी हैं और संघ के भी प्रिय हैं।

सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से रूपानी और मोदी के बीच बातचीत बंद है। रूपाणी की मोदी से आखिरी बातचीत 19 मई को हुई थी जब मोदी गुजरात दौरे पर आए थे और उन्होंने रूपाणी के साथ ताउते तूफ़ान से प्रभावित राज्य के इलाक़ों का हवाई सर्वे किया था।इंडिया टुडे के मुताबिक़, इसके बाद मोदी ने सीआर पाटिल के साथ अलग से बैठक की और इससे रूपाणी को दूर रखा गया।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के समर्थक कहते हैं कि पाटिल ने संगठन पर कब्जा कर लिया है और वे रूपाणी को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश करते हैं। केवल विजय ही नही प्रदीप सिंह जडेजा, सुरेंद्र पटेल और शंकर चौधरी जैसे दिग्गजों में भी पाटिल को लेकर गहरी नाराजगी है।

भाजपा के सूत्रों का कहना है कि अमित शाह ने खुद फोन करके रूपाणी को इस्तीफा देने को कहा है। यह भी पता लगा है कि विजय रूपाणी ने आओए साथियो के साथ मिलकर पाटिल के खिलाफ तगड़ी व्यूह रचना रच ली है। निस्संदेह अब शाह और मोदी के प्यादे खुलकर आमने सामने आ गए हैं।

प्रत्यक्ष मिश्रा
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