Begin typing your search...

हरियाणा में कफ सिरप पीने से 66 बच्चों की मौत

हरियाणा में कफ सिरप पीने से 66 बच्चों की मौत
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

गांबिया में कफ सिरप से 66 बच्चों की मौत के बाद हरियाणा सरकार भी हरकत में आ गई है। सरकार ने राज्य में मेडेन फार्मा का संचालन रोक दिया है। साथ ही कंपनी की सोनीपत यूनिट में उत्पादन रोकने के आदेश भी जारी किए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) हरियाणा और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) नॉर्थ जोन गाजियाबाद की टीम की जांच में मिली गड़बड़ियों के बाद सरकार ने यह कार्रवाई की है।

यूनिट सील करने की तैयारी

FDA-CDSCO की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब हरियाणा सरकार यूनिट सील करने की तैयारी कर रही है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र की ओर से भी सरकार को इस मामले में सख्ती बरतने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार यूनिट सील करने के बाद कंपनी का लाइसेंस भी रद्द कर सकती है।

गांबिया में इंपोर्टर लाइसेंस रद्द किया

WHO की कुछ जांचों में मिली त्रिटियों के बाद गांबिया सरकार ने मेडेन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। गांबिया के राष्ट्रपति अदामा बैरो के निर्देश पर राष्ट्रीय दवा नियामक को भारत से दूषित दवाओं के पीछे फार्मेसी और इंपोर्टर लाइसेंस को निलंबित करने के लिए अधिकृत किया है। इसमें शामिल लोगों से पुलिस पूछताछ भी की जा रही है।

प्रोपलीन ग्लाइकोल की टेस्टिंग नहीं

कफ सिरप की जांच में मिला है कि कंपनी ने डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल के लिए प्रोपलीन ग्लाइकोल की क्वालिटी टेस्टिंग नहीं की है। प्रोपलीन ग्लाइकॉल का उपयोग दवा की दवाओं जैसे सिरप में सॉल्वेंट के रूप में किया जाता है। यदि डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित हो तो कफ सिरप पीने वाले व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।

एक्सपायरी डेट में मिली गड़बड़ी

CDSCO-FDA की संयुक्त जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सीरप की एक्सपायरी डेट में भी कंपनी ने गड़बड़ी की है। जांच में सामने आया है कि प्रोपलीन ग्लाइकोल सितंबर 2021 की मैन्युफैक्चरिंग डेट और सितंबर 2023 की लास्ट डेट के साथ सिरप में इस्तेमाल किया गया था, लेकिन लास्ट डेट नवंबर 2024 बताई गई है।

इन-प्रोसेस टेस्टिंग में भी कंपनी फेल

जांच में मिली खामियों के बाद CDSCO-FDA ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी भेजा है। इसमें कहा गया है किे कंपनी विचाराधीन उत्पादों की इन-प्रोसेस टेस्टिंग रिपोर्ट पेश करने में भी कंपनी फेल रही है।

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it