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जानवरों पर करोना का अटैक, डब्ल्यूएचओ ने दिया नया नाम

जैविक उद्यान ने कोरोना वायरस की जांच के लिए 24 मई को चार और 29 मई को सात शेरों के नमूने भोपाल स्थित आईसीएआर- राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजे थे। संस्थान ने तीन जून को बताया कि नौ शेरों की जांच में संक्रमण पाया गया है।

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नई दिल्ली, करोना महामारी की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से खत्म नही हुआ की अब ये अपना असर अब जनवरों पर भी दिखने लगा है, जहां तमिलनाडु के वंडालूर में स्थित अरिगनर अन्ना जैविक उद्यान में कोविड-19 से संक्रमित 4 शेरों के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग से पता चला है कि वे वायरस के पैंगोलिन लिनियेज बी.1.617.2 प्रकार से संक्रमित थे जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 'डेल्टा' नाम दिया है। हालांकि इस महीने नौ साल की शेरनी नीला और पद्मनाथन नामक 12 साल के एक शेर की कोविड-19 से मौत हो गई थी।

शुक्रवार को जैविक उद्यान के उप निदेशक ने बताया कि इस साल 11 मई को डब्ल्यूएचओ ने वायरस के बी.1.617.2 प्रकार को चिंताजनक बताया था और कहा था कि यह ज्यादा संक्रामक है। जैविक उद्यान ने कोरोना वायरस की जांच के लिए 24 मई को चार और 29 मई को सात शेरों के नमूने भोपाल स्थित आईसीएआर- राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजे थे। संस्थान ने तीन जून को बताया कि नौ शेरों की जांच में संक्रमण पाया गया है। इसके बाद से शेरों का उपचार किया जा रहा है।

उप निदेशक ने एक बयान में कहा कि जैविक उद्यान के अनुरोध पर संस्थान ने उस वायरस की 'जीनोम सीक्वेंसिंग के नतीजे साझा किये थे जिनसे शेर संक्रमित हुए थे। बयान में कहा गया, 'आईसीएआर-एनआईएचएसएडी के निदेशक ने बताया कि संस्थान में चारों नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। सीक्वेंस के विश्लेषण से पता चलता है कि चारों सीक्वेंस पैंगोलिन लिनिएज बी.1.617.2 प्रकार के हैं जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार डेल्टा प्रकार है।'



सुजीत गुप्ता
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