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अफ़ग़ानिस्तान में सरकार बनाने को लेकर पंजशीर घाटी में चल रहे भीषण युद्ध को शांत कराने के लिए, पाकिस्तान ने अपने ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हमीद को काबुल भेजा..

तालिबान और हक्कानी ग्रुप के बीच काफी खूनी संघर्ष की खबरें सामने आ रही है बताया जा रहा है कि हक्कानी ग्रुप और तालिबान के नेता आपस में ही भागीदारी के लिए लड़ाई कर रहे हैं।

अफ़ग़ानिस्तान में सरकार बनाने को लेकर   पंजशीर घाटी में चल रहे भीषण युद्ध को शांत कराने के लिए, पाकिस्तान ने अपने ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हमीद को काबुल भेजा..
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काबुल: अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान नई सरकार बनाने जा रहा है इस बीच तालिबान और हक्कानी ग्रुप के बीच काफी खूनी संघर्ष की खबरें सामने आ रही है बताया जा रहा है कि हक्कानी ग्रुप और तालिबान के नेता आपस में ही भागीदारी के लिए लड़ाई कर रहे हैं। तालिबान के सह-संस्थापक अब्दुल गनी बरादर और हक्कानी गुट के बीच गोलीबारी हुई है। कहा जा रहा है कि हक्कानी नेटवर्क ने रक्षामंत्री का पद मांगा है।

ज्यादा जानकारी देते हुए आपको बता दें कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख संरक्षक है। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र ने अल-कायदा से करीबी रिश्ते रखने के चलते आतंकवादी ग्रुप की श्रेणी में रखा है।

अफगानिस्तान के अखबार पंजशीर ऑब्जर्वर के मुताबिक अनस हक्कानी की तरफ से गोली चलाई गई, जिसमें मुल्ला बरादर घायल हो गए. रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि बरादर का इस समय पाकिस्तान में इलाज चल रहा है। हालांकि फिलहाल इन तथ्यों की पुष्टि नहीं की जा सकी है।

इस बीच सत्ता को लेकर चल रही अनबन को देखते हुए पाकिस्तान ने अपने आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हमीद को काबुल भेजा है दावा किया जा रहा है कि उन्हें झगड़े को शांत कराने के लिए वहां भेजा गया है।

प्रत्यक्ष मिश्रा
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