Top
Begin typing your search...

जम्मू-कश्मीर: फारूक अब्दुल्ला का बिबादित बयान, बोले- चीन की मदद से बहाल हो सकता है अनुच्छेद 370

फारूक अब्दुल्ला ने मोदी सरकार के इस कदम का समर्थन करने वालों को गद्दार बताया है।

जम्मू-कश्मीर: फारूक अब्दुल्ला का बिबादित बयान, बोले- चीन की मदद से बहाल हो सकता है अनुच्छेद 370
X
Former J&K chief minister Farooq Abdullah (File Photo)
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जम्मू-कश्मीर में दोबारा अनुच्छेद 370 की बहाली में चीन से मदद मिल सकती है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार के इस कदम का समर्थन करने वालों को गद्दार बताया है।

फारूक अब्दुल्ला ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, ''जहां तक चीन का सवाल है मैंने तो कभी चीन के राष्ट्रपति को यहां बुलाया नहीं। हमारे वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) ने उसे गुजरात में बुलाया, उसे झूले पर भी बिठाया, उसे चेन्नई भी ले गए, वहां भी उसे खूब खिलाया, मगर उन्हें वह पंसद नहीं आया, और उन्होंने आर्टिकल 370 को लेकर कहा कि हमें यह कबूल नहीं है। और जब तक आप आर्टिकल 370 को बहाल नहीं करेंगे, हम रुकने वाले नहीं हैं, क्योंकि तुम्हारे पास अब यह खुल्ला मामला हो गया है। अल्लाह करे कि उनके इस जोर से हमारे लोगों को मदद मिले और अनुच्छेद 370 और 35A बहाल हो।''

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 5 जुलाई 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निष्प्रभावी कर दिया था। पाकिस्तान और उसके साथी चीन ने इसका विरोध किया था। हालांकि, भारत ने उन्हें देश के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देने की चेतावनी दी थी।

फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त 2019 से पहले की स्थिति बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने संसद के मॉनसून सत्र में भी इस मुद्दे को उठाया था। लोकसभा में अपनी बात रखते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति आज ऐसी है कि जहां प्रगति होनी थी वहां कोई प्रगति नहीं है। आज भी हमारे बच्चे और दुकानदारों के पास 4जी फैसिलिटी नहीं है जो हमारे पास हिंदुस्तान की बाकि जगहों पर है। वो तालीम कैसे ले सकते हैं जबकि सबकुछ आज इंटरनेट पर है।

Arun Mishra

About author
Sub-Editor of Special Coverage News
Next Story
Share it