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'बाइक चोर' होने का आरोप लगाकर भीड़ ने शम्स तबरेज को तब तक पीटा जब तक जय श्री राम नहीं बोला

बाइक चोर होने का आरोप लगाकर भीड़ ने शम्स तबरेज को तब तक पीटा जब तक जय श्री राम नहीं बोला
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जमशेदपुर: झारखंड के सरायकेला खरसावां में भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिंग) का मामला सामने आया है. जहां धातकीडीह में बाइक चोर होने के शक में एक युवक शम्स तबरेज को भीड़ ने पीट-पीटकर बुरी तरह जख्मी कर दिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में उसकी अस्पताल में मौत हो गई.

पुलिस ने तबरेज को कैद में रखा था. रविवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई. जिसके बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया जहां से डॉक्टर से उसे जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल रेफर कर दिया और यहां लाने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना पाकर मृतक के परिजन इक्ट्ठा हुए और पुलिस प्रशासन, जेल प्रशासन और अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाये.

तबरेज के एक संबंधी ने कहा कि कथित चोरी की वजह से नहीं बल्कि उसकी हत्या सांप्रदायिक कारणों से हुई है. उसे जय श्रीराम और जय हनुमान जैसे नारे लगाने को मजबूर किया गया. उन्होंने कहा, ''उन्होंने उसकी (तबरेज) पिटाई की और बाद में उसे पुलिस को दे दिया. उन्हें चोरी का संदेह था लेकिन यह एक सांप्रदायिक हमला था. उसे इसलिए पीटा गया क्योंकि उसका मुस्लिम नाम था. उन्होंने (भीड़) उससे बार-बार 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' का नारा लगवाया. दोषियों को गिरफ्तार किया जाए.''


कांग्रेस की युवा नेता पंखुरी पाठक ने कहा कि पाँच साल से जिन्होंने मुस्लिमों और दलितों की लिंचिंग और हत्या पर कुछ नहीं बोला वह ध्यान रखें कि कल को जब उनके और उनके अपनों के साथ ऐसा होगा तब भी आवाज़ उठाने वाला कोई नहीं मिलेगा. तुमने 'जय सिया राम ' को 'जय श्री राम' कर दिया , कोई नहीं लेकिन इस नारे के साथ हिंसा और हत्या करके भगवान राम का नाम तो बदनाम ना करो.

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