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शताब्दी एक्सप्रेस में विवादित अखबार बांटने के मामले में IRCTC ने दिए जांच के आदेश

कर्नाटक के बेंगलुरू (Bengaluru) में शुक्रवार चेन्नई जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) में यात्रियों के बीच एक प्रोपेगेंडा अखबार का वितरण कर दिया गया।

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कर्नाटक (Karnataka) के बेंगलुरू (Bengaluru) में शुक्रवार (22 अप्रैल) को चेन्नई जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) में यात्रियों के बीच एक प्रोपेगेंडा अखबार का वितरण कर दिया गया। सोशल ​मीडिया पर चल रही खबरों के मुताबिक एक अनाधिकृत रूप से प्रकाशित इस अखबार की प्रतियों में आपत्तिजनक लेख छपे थे। मामला सामने आने पर इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने ऑनबोर्ड सेवाएं मुहैया कराने वाले लाइसेंसी एजेंसी को चेतावनी जारी करते हुए जवाब मांगा है।

आपको बता दें कि शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों के बीच बांटे गए अखबार आर्यवर्थ एक्सप्रेस (Aryavarth Express) में पहले पन्ने पर "Genocide of Hindus, Sikhs, Buddhists, under Islamic rule needs to be recognised" (इस्लामी शासन के तहत हिंदुओं, सिखों, बौद्धों के नरसंहार को पहचानने की जरूरत है) और "UN should label Aurangzeb as perpetuator of holocaust like Hitler" (संयुक्त राष्ट्र को औरंगजेब को हिटलर की तरह लेबल करना चाहिए) शीर्षक वाले आलेख छपे थे।

जब एक यात्री ने सोशल मीडिया पर इस तरह के प्रोपेगेंडा अखबार बांटे जाने की शिकायत तो हड़कंप मच गया। उसके बाद ट्रेन के लाइसेंसी पीके शेफी ने बताया कि जिन अखबारों को भारतीय रेल की ट्रेनों में बांटने की मान्यता मिली हुई है, उन्हीं के अंदर सप्लीमेंट के तौर पर वेंडर की ओर से इस विवादित पेपर को पहुंचाया गया था। हालांकि, विवादित अखबार की प्रति पाने वाले एक यात्री ने इस बीच ट्वीट कर दावा किया वह मुख्य अखबारों के अंदर नहीं था, बल्कि अलग से था।

वहीं दूसरी ओर शेफी के मुताबिक का कहना है, हमारे जिन लड़कों ने अखबार बांटा, उन्हें यह नहीं मालूम था कि विवादित अखबार मेन न्यूजपेपर्स के अंदर है। किसी भी मामले में वे खुद बांटे जाने वाले समाचार-पत्रों की सामग्री को असल में नहीं पढ़ते हैं।" उन्होंने आगे बताया- मैंने अब उन्हें निर्देश दिया है कि वे किसी प्रकार के सप्लीमेंट या फिर पैंपफ्लेट न बांटें। वे इस दौरान सिर्फ मुख्य अखबार ही वितरित करें।

आपको बता दें कि @gopikabashi नाम के टि्वटर अकाउंट से 22 अप्रैल, 2022 के अंक वाले इस अखबार के फ्रंट पेज का फोटो शेयर किया गया। उन्होंने इसके साथ ही लिखा और पूछा-आज सुबह मैं बेंगलुरू-चेन्नई शताब्दी एक्सप्रेस (Bangalore-Chennai Shatabdi Express) में चढ़ी। वहां मुझे हर सीट पर प्रोपोगेंडा चलाने वाले प्रकाशन का अखबार आर्यवर्थ एक्सप्रेस नजर आया। मैंने पहले कभी इसके बारे में नहीं सुना था। उन्होंने आईआरसीटीसी को टैग करते हुए लिखा आखिरकार आईआरसीटीसी (टैग करते हुए) इसे ट्रेनों में कैसे मंजूरी दे रहा है?

वहीं इस मामले में आईआरटीसीटी की चेयरमैन और एमडी रजनी हसीजा ने कहा है कि हमने लाइसेंसी वेंडर को हिदायत दे दी है। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, लाइसेंसी सिर्फ डेक्कन हेराल्ड (Deccan Herald) और कन्नड अखबार की कॉम्पलिमेंट्री कॉपियां ही ट्रेनों में यात्रियों के बीच बंटनी चाहिए। वेंडर को कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से ही चलना चाहिए।

Sakshi
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