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न निकला मुहूर्त, न हुए सात फेरे, पसंद आने पर किया ये काम और हो गई शादी

Vikas Kumar
23 Oct 2017 11:35 AM IST
न निकला मुहूर्त, न हुए सात फेरे, पसंद आने पर किया ये काम और हो गई शादी
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अजीबोगरीब शादी: यहां शादी के लिए पंडित से न निकला मुहूर्त, दोनों के बीच न ही हुए सात फेरे, एक दूसरे को पसंद आने पर किया ये काम और हो गई शादी, फिर...

हरदा : शादी के बाद एक लड़की की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है। उसका घर, परिवार सब बदल जाता है तो ऐसे में आमतौर पर माता-पिता अपनी संतान की शादी के लिए योग्य वर-वधु ढूंढते हैं। दोनों की कुंडली मिलान करते है। पंडित जी से मुहूर्त पूछते हैं, फिर करते हैं शादी। ताकि एक नए घर और परिवार में उनका वैवाहिक जीवन सुखमय हो।

लेकिन हरदा जिले के मोरगढ़ी में रविवार को लगे मेले में आदिवासी समाज के लड़के-लड़कियों में अजीबोगरीब शादी हुआ। यहां शादी के लिए न मुहूर्त निकला गया और न ही सात फेरे हुए। लड़के-लड़कियों ने एक दूसरे को पसंद किया और पान खिलाया। और हो गई शादी। यानी पान खिलाने के बाद लड़का-लड़की को अपने साथ घर ले जाता है।

दरअसल यहां हर साल लगने वाला इस मेले को आदिवासी समाज के लोग खाटिया मेले के नाम से जानते है। हरदा जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर पर मोरगढ़ी में रविवार को ये मेला लगा। इस मेले का आयोजन दीपावली के ठीक बाद लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान किया जाता है। यहां शादी के लिए किसी पंडित से मुहूर्त नहीं पूछा जाता और न ही अग्नि के सात फेरे लिए जाते हैं। बल्कि मेले के दौरान लड़के-लड़की एक दूसरे को पसंद कर लेते हैं तो वह पान खिलाकर रजामंदी दे देते हैं।

आपको ये जानकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा, लेकिन ये बिलकुल सच है। ये परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस मेले में पान खिलाकर ही शादी होती है। पहले तो लड़का, लड़की को अपने घर लेकर चला जाता है। फिर कुछ दिनों के बाद जब दोनों परिवार के लोग आपस में मिलते है तो लड़की वाले ही लड़के वालों से दहेज की मांग करते हैं।

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