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भारतीय इतिहास के सबसे अमीर मुख्यमंत्री होंगे कमलनाथ, जानिए- कितनी है संपत्ति - इंदिरा ने कहा था 'तीसरा बेटा'

नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में कांग्रेस की वापसी कराने में कमलनाथ ने सबसे अहम भूमिका निभाई थी जिसका ईनाम उन्हें मुख्यमंत्री पद के तौर पर मिली. कमलनाथ एक मंझे हुए राजनेता और करीब 45 सालों से सांसद होने के अलावा एक कारोबारी भी रहे हैं। शायद यही वजह है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेते ही वो देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री होने का तमगा भी हासिल कर लेंगे. कमलनाथ कांग्रेस के उन मौजूदा नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने गांधी परिवार की तीन पीढ़ी के साथ काम किया है.
जानें- कितनी है कमलनाथ की संपत्ति
मुख्यमंत्री घोषित किेए जा चुके कमलनाथ इस मामले में अभी तक देश के सबसे अमीर सीएम रहे चंद्र बाबू नायडू को भी पीछे छोड़ दिया है. 2014 के लोकसभा चुनाव में कमलनाथ ने चुनाव आयोग को जो हलफनामा दिया था उसके मुताबिक उनकी संपत्ति करीब 206 करोड़ रुपये है जबकि चंद्रबाबू नायडू की घोषित संपत्ति 177 करोड़ रुपये ही है. हालांकि कमलनाथ ने चुनावी हलफनामे में बताया था कि उनपर 5 करोड़ रुपये का कर्ज भी चल रहा है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ 2 गाड़ियों के मालिक भी है. उनके नाम पर एक सफारी स्टॉर्म एसयूवी गाड़ी मध्य प्रदेश में रजिस्टर्ड है जबकि उनके पास एम्बेसडर क्लासिक कार दिल्ली में भी है. इन दोनों की कीमत करीब 19 लाख रुपये है. खासबात यह है कि सिंतबर 2011 में भी उन्हें यूपीए सरकार के कैबिनेट में सबसे अमीर मंत्री माना गया था.
बात अगर दूसरे राज्यों के करोड़पति मुख्यमंत्रियों की करें तो तीसरे नंबर पर अरुणाचल प्रदेश की सीएम प्रेम खांडू है जिनकी कुल संपत्ति करीब 129 करोड़ रुपये हैं. अब सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों की श्रेणी में कमलनाथ पहले नंबर पर , आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्र बाबू नायडू दूसरे नंबर और प्रेम खांडू तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. हालांकि इस रैंकिंग में चौथा स्थान भी कांग्रेस पार्टी के ही पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह का है जिनकी संपत्ति 48 करोड़ है. संपत्तियों की यह जानकारी चुनावी हलफनामे के मुताबिक है.
कानपुर में हुआ है जन्म
कांग्रेस नेता कमल नाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था. उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज कलकत्ता से बीकॅाम की पढ़ाई पूरी की थी. कमलनाथ ने 2004 से 2009 तक केंद्र सरकार मे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली.
2009 में 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए, फिर कैबिनेट मंत्री बने. जिसके बाद उन्हें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई. साल 2011 में उन्हें शहरी विकास मंत्री बनाया गया और 2012 में संसदीय कार्य मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई. दिसंबर 2012 में उन्हें योजना आयोग का सदस्य भी बनाया गया.
इंदिरा ने बताया था तीसरा बेटा
कमलनाथ संजय गांधी के स्कूली दोस्त बताए जाते हैं. वे 1980 में पहली बार छिंदवाड़ा से सांसद बने थे. इस चुनाव में प्रचार के दौरान इंदिरा गांधी ने उन्हें अपना तीसरा बेटा बताया था. साल 1997 में उन्हें एक बार हार मिली फिर उन्होंने कभी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा. साल 2001 से 2004 तक कांग्रेस पार्टी के महासचिव रहे.
72 साल के कमलनाथ मप्र की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से 9 बार से सांसद हैं. वे 1980, 1985, 1989, 1991, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 में सांसद बने. 1993 में भी कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी. बताया जाता है कि तब अर्जुन सिंह ने दिग्विजय सिंह का नाम आगे कर दिया. इस तरह कमलनाथ 25 साल पहले सीएम बनने से चूक गए थे.
आपातकाल के बाद 1979 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया. तब इंदिरा संजय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं. कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़े. जज ने उन्हें भी अवमानना के चलते सात दिन के लिए तिहाड़ भेज दिया, जहां वे संजय गांधी के साथ रहे.
यूपीए सरकारों में रहे हैं मंत्री
कमलनाथ 1991 में राज्य पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), 1995-1996 टेक्सटाइल मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री रहे. उन्होंने 2001-2004 तक कांग्रेस के महासचिव का पद संभाला. वे 2004-2009 तक यूपीए सरकार में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री रहे. 2009 में कमलनाथ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री बने. 2011 में उन्हें शहरी विकास मंत्री बनाए गए. 2012 में उन्हें संसदीय कार्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया.




