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पोहा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से तीन महिला जिंदा जली , फैक्ट्री मालिक फरार ,परिवार ने शव को सडक पर रखकर किया चक्काजाम

पोहा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से तीन महिला जिंदा जली , फैक्ट्री मालिक फरार ,परिवार ने शव को सडक पर रखकर किया चक्काजाम
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शुक्रवार की शाम नागझिरी स्थित पोहा फैक्ट्री में भीषण आग लगने के बाद यहां काम करने वाली तीन महिलाओं की जिंदा जलने से मौत हो गई। एक महिला गंभीर रूप से झुलसी हालत में जिला अस्पताल में उपचार करा रही है।फैक्ट्री से निकले महिलाओं के शव इतने झुलस चुके थे कि उनकी पहचान परिजनों ने साड़ी और कान के टाप्स देखकर की। सुबह डॉक्टरों की पैनल ने शवों का पोस्टमार्टम किया। तीन परिवारों के 8 बच्चों के सिर से मां का साया उठने जैसी ह्रदय विदारक घटना के बाद भी पीडि़त परिजनों के आंसू पोंछने फैक्ट्री का मैनेजर और मालिक अस्पताल नहीं पहुंचे। नागझिरी पुलिस ने मैनेजर की सूचना पर मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम कराया है।

मृत महिलाओं की पहचान परिजनों ने साड़ी और टाप्स से की

शुक्रवार की शाम नागझिरी स्थित पोहा फैक्ट्री में भीषण आग लगने के बाद यहां काम करने वाली तीन महिलाओं की जिंदा जलने से मौत हो गई। एक महिला गंभीर रूप से झुलसी हालत में जिला अस्पताल में उपचार करा रही है।

आंखों देखी फैक्ट्री के कर्मचारी की जुबानी

राधेश्याम बिंदल प्रोसेसिंग पोहा फैक्ट्री का कर्मचारी है जिसे अन्य कर्मचारी मास्टर कहते हैं। उसकी पत्नी दुर्गाबाई व तीन बच्चों के साथ फैक्ट्री परिसर में बने कमरों में रहता है। आग लगने की घटना में राधेश्याम की पत्नी की भी झुलसने से मृत्यु हुई है। उसने बताया कि फैक्ट्री की मशीन में खराबी आई थी। इस कारण दो युवकों को सुधार कार्य के लिये बुलाया था। युवक स्र्टाटर चैक कर रहे थे तभी मोटर में फाल्ट हुआ और तेजी से आग लग गई।

दुर्गाबाई के अलावा उस स्थान पर क्षमाबाई पति प्रभुलाल 45 वर्ष निवासी नागझिरी, ज्योतिबाई पति ईश्वर डाबी 35 वर्ष निवासी नागझिरी भी काम कर रही थीं। आग लगते ही जलती हुई पल्ली तीनों महिलाओं के ऊपर आ गिरी जिसके नीचे दबने से उनकी मृत्यु हुई। शोर मचने पर फैक्ट्री के कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। इस दौरान फैक्ट्री में 14 कर्मचारी मौजूद थे। आग बुझाने का एक यंत्र जरूर रखा था लेकिन वह चला ही नहीं । पानी की टंकी से आग बुझाने के प्रयास किये गये। फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस दौरान आग में फंसी सीमा पति प्रभु वाघेला 35 वर्ष निवासी विक्रम नगर को गंभीर हालत में निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। राधेश्याम ने बताया कि फायर ब्रिगेड की दमकल सूचना के 30 मिनिट बाद पहुंची थी। कुल 4 दमकलों ने आग पर काबू पाया।

मालिक का मोबाइल बंद

फैक्ट्री मालिक राकेश बिंदल पिता द्वारकादास बिंदल से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल स्वीच ऑफ था। नागझिरी पुलिस ने मैनेजर सागर यादव जो पुलिस को सूचनाकर्ता था उसे ही फरियादी बनाकर मृतिकाओं के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।

फैक्ट्री मैनेजर बोला…

शार्ट सर्किट आग का कारण, कोई मशीन खराब नहीं हुई थी….

बिंदल प्रोसेसिंग पोहा फैक्ट्री के मालिक राकेश बिंदल निवासी महाश्वेता नगर हैं। मैनेजर सागर यादव पिता रमेश यादव 32 वर्ष निवासी हामूखेड़ी देवासरोड़ है। मैनेजर सागर यादव ने बताया कि फैक्ट्री में कुल 8 कर्मचारी काम करते हैं। आग बुझाने के यंत्र भी रखे थे। शार्ट सर्किट के कारण आग लगी। मशीन या मोटर खराब नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति सुधार कार्य के लिये आया था। मृतकों के परिजनों की सहायता के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

फैक्ट्री से निकलने का एक ही मुख्य रास्ता था

सीमा पति प्रभु वाघेला जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में उपचार करा रही हैं। सीमा ने बताया कि काम करने के दौरान अचानक भयंकर आग दिखी। स्वयं को बचाने के लिये बाहर भागने की कोशिश की, बाहर निकलने का एक ही रास्ता था वहां तक पहुंचने के बीच में आग की लपटें थीं। धुएं से दम घुट रहा था, आग से झुलस रही थी तभी बेहोश हो गई। मैं अस्पताल कैसे पहुंची कुछ पता नहीं है।

जांच में पता चलेगा हादसा या लापरवाही

पुलिस द्वारा मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही सूचनाकर्ता मैनेजर को फरियादी बनाते हुए मर्ग कायम किया गया है। आग लगने की घटना की जांच शुरू हो चुकी है। डीवीआर भी जब्त किया है। जांच के बाद पता चलेगा आग लगने की घटना हादसा है या लापरवाही। उसके बाद संबंधित के खिलाफ केस दर्ज किया जायेगा।

इधर शवों को चौराहे पर रखकर परिजनों ने किया चक्काजाम…

पोहा फैक्ट्री अग्निकांड में मृत महिलाओं के शवों का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किये गये। दोपहर 12 बजे तक मृतिकाओं के परिजनों से फैक्ट्री मालिक, मैनेजर के अलावा शासन और जनप्रतिनिधियों ने भी संपर्क नहीं किया और किसी प्रकार की मदद का आश्वासन नहीं दिया। इससे आक्रोशित होकर मृतिकाओं के परिजनों ने शवों को नागझिरी चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी फैक्ट्री मालिक के विरूद्ध केस दर्ज किया जावे, मृतिकाओं के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जावे। सूचना मिलने पर नागझिरी पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने के प्रयास शुरू किये गये।

Desk Editor
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