Top
Begin typing your search...

सचिन वाजे मुंबई पुलिस सेवा से बर्खास्त, कमिश्नर ने जारी किए आदेश

मनसुख हिरेन की मौत के मामले में आरोपी मुंबई पुलिस के सचिन वाजे को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

सचिन वाजे मुंबई पुलिस सेवा से बर्खास्त, कमिश्नर ने जारी किए आदेश
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

महाराष्ट्र के व्यापारी मनसुख हिरेन की मौत के मामले में आरोपी मुंबई पुलिस के सचिन वाजे को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. मंगलवार को मुंबई पुलिस ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में ये जानकारी दी. उद्योगपति और रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक सामग्री रखी कार के मिलने वाले मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी वैसे-वैसे ही मुंबई पुलिस के सचिन वाजे पर शक गहराता गया. कुछ दिन पहले ही इस केस में एक और नया खुलासा हुआ था दरअसल, इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को इस बात का संदेह है कि निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने दो लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने की योजना बनाई थी, ताकि एंटीलिया मामले से उन्हें जोड़ा जा सके.

यही वो नया तरीका था जिससे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट वाजे मामले को सुलझाने का दावा करना चाहता था, लेकिन उसकी यह योजना धरी की धरी रह गई. मीडिया के सूत्रों उस समय ये बताया था कि मामले की जांच कर रहे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को ठाणे में वाजे के घर की तलाशी के दौरान एक व्यक्ति का पासपोर्ट बरामद हुआ था, पुलिस ने इस व्यक्ति की पहचान नहीं बताई थी. जांच अधिकारियों ने आगे बताया था कि उन्होंने कहा कि पहले शुरुआत में एक मारूति ईको वाहन में 'फर्जी मुठभेड़' को अंजाम देने योजना बनाई गई, जो पिछले साल नवंबर में महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर से चोरी हो गई थी.

एजेंसी 'फर्जी मुठभेड़' थ्योरी की जांच कर रही है. गौरतलब है कि 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई में अंबानी के घर के बाहर एक एसयूवी मिली थी, जिसमें विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी. उस एसयूवी के मालिक बताए गए कारोबारी मनसुख हिरन का पांच मार्च को ठाणे में एक नहर से शव मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया था. इसके बाद 13 मार्च को एनआईए ने वाजे को गिरफ्तार कर लिया.

आपको बता दें कि 5 जून, 2020 को उनकी निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद, वाजे को फिर से बहाल कर दिया गया था और 8 जून, 2020 को सशस्त्र पुलिस बल में एक गैर-कार्यकारी पद पर तैनात किया गया था, लेकिन इसके कुछ दिनों बाद, उन्हें सीआईयू में नियुक्त कर दिया गया. मार्च में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एसयूवी मामले और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की की मौत के बाद वाजे को गिरफ्तार किया था.

Arun Mishra

About author
Sub-Editor of Special Coverage News
Next Story
Share it