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गोरखपुर के 28 समेत 200 भारतीय तजाकिस्तान में फंसे, खाने—पीने का संकट, वीडियो जारी कर मदद की गुहार

Special Coverage Desk Editor
14 Feb 2023 1:26 PM IST
गोरखपुर के 28 समेत 200 भारतीय तजाकिस्तान में फंसे, खाने—पीने का संकट, वीडियो जारी कर मदद की गुहार
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तजाकिस्तान में 200 से अधिक भारतीय बंधक बना लिए गए हैं. इन्हें तजाकिस्तान की राजधानी दुशानबे से 100 किलोमीटर दूर एक स्थान पर कैद करके रखा गया है। इनमें 28 लोग अकेले गोरखपुर और करीब 50 आसपास जिलों के रहने वाले हैं. ये लोग गोरखपुर के न्यू ग्लोबल ऑफिस के जरिए से काम करने करीब 3 महीने पहले गए है.

गोरखपुर. तजाकिस्तान में 200 से अधिक भारतीय बंधक बना लिए गए हैं. इन्हें तजाकिस्तान की राजधानी दुशानबे से 100 किलोमीटर दूर एक स्थान पर कैद करके रखा गया है। इनमें 28 लोग अकेले गोरखपुर और करीब 50 आसपास जिलों के रहने वाले हैं. ये लोग गोरखपुर के न्यू ग्लोबल ऑफिस के जरिए से काम करने करीब 3 महीने पहले गए है. लेकिन, वहां काम मिलना तो दूर उनके सामने रोटी तक का संकट खड़ा हो गया है. बर्फीले पहाड़ों पर माइनस तापमान में कर्मचारी फंसे हुए हैं. पीड़ित अब सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं.

उन्होंने भारत सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भारत बुलाने की अपील की है. वीडियो संदेश जारी कर ताजाकिस्तान में फंसे गोरखपुर के देवी प्रसाद ने बताया है, ''राजधानी दुशानबे से 100 किलोमीटर दूर एक कंपनी बर्फीले पहाड़ों में डैम बनवा रही है. डैम पर सुरंग खोदने का काम किया जा रहा है. DGM कंपनी ने धोखाधड़ी कर कमियों को बुला लिया. माइनस तापमान में कर्मचारी काम कर रहे हैं लेकिन, कंपनी न खाने की व्यवस्था की है और न ही पानी की. यहां तक की रहने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है.' 'कंपनी ने कर्मचारियों को काम के लिए कोई लाइसेंस भी नहीं बनाया है.

न ही कर्मचारियों का कोई इंश्योरेंस किया गया है. कंपनी की गाड़ी का अगर काम के दौरान एक्सिडेंट होता है तो उसके नुकसान का पैसा भी हम लोगों की ही सैलरी से काटा जा रहा है.' पीड़ितों का कहना है, इसे लेकर भारतीय दूतावात से अधिकारियों से बात की गई. जिसके बाद भारतीय दूतावास के अधिकारी आए थे और जल्द से जल्द भारत भेजने की बात कही गई थी. दूतावास के ‌अधिकारियों के सामने कंपनी का एचआर भी भारत भेजने की बात कहा था लेकिन, 15 दिन से अधिक का समय बीत गया अब तक कोई पहल नहीं की गई है. कंपनी केवल बंधक बनाए गए कर्मियों की लिस्ट मांगती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करती है. बात करने पर DGM कंपनी के अधिकारी कहते हैं, आप लोग गोरखपुर में जिस ऑफिस के जरिए आए हैं.

उनसे बात कीजिए. हम लोग कोई मदद नहीं कर पाएंगे. पीड़ितों का कहना है कि गोरखपुर की न्यू ग्लोबल ऑफिस ने एक कर्मचारी से नौकरी लगाने के नाम पर 1.10 लाख रुपए वसूला था. हालांकि, अब तजाकिस्तान की DGM कंपनी का कहना है टिकट और वीजा सब फ्री था, फिर तुम लोगों ने रुपए क्यों दिए. जबकि, कंपनी में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के 50 से अधिक लोग फंसे हैं. जबकि, अब तक 10 से अधिक बार वीडियो बनाकर जारी कर चुके लेकिन, कोई मदद नहीं मिली. एक बार फिर बर्फीली पहाड़ों के बीच बैठकर पीड़ितों ने ग्रुप वीडियो जारी किया है. उन्होंने केंद्र सरकार और यूपी सरकार के अलावा गोरखपुर प्रशासन और मीडिया से भी मदद की अपील की है.

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