राष्ट्रीय

Alwar Gangrape Case: नाबालिग पीड़िता के शरीर के कई हिस्सों पर हैं गहरे घाव, 5 डॉक्टर्स की टीम ने ढाई घंटे में किया ऑपरेशन; हालत नाजुक

Special Coverage Desk Editor
13 Jan 2022 11:34 AM IST
Alwar Gangrape Case: नाबालिग पीड़िता के शरीर के कई हिस्सों पर हैं गहरे घाव, 5 डॉक्टर्स की टीम ने ढाई घंटे में किया ऑपरेशन; हालत नाजुक
x

प्रतीकात्मक फोटो

बच्ची का 5 डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया है. बच्ची के अंदरूनी हिस्से में काफी गहरे घाव है. बच्ची का रेक्टम अपनी जगह से खिसक गया है. उसे जब अस्पताल में लाया गया तो काफी ब्लीडिंग हो रही थी.

राजस्थान (Rajasthan) के अलवर (Alwar Gangrape Case) में गैंगरेप की मूकबधिर पीड़िता का इलाज जयपुर के जेके लॉन अस्पताल (jk loan hospital jaipur) में चल रहा है. नाबालिग (Minor Girl Gangrape) को बेहद खराब स्थिति में अस्पताल लाया गया था. बच्ची लहुलुहान थी जिस समय उसे अस्पताल लाया गया था. पीड़िता का बुधवार दोपहर को करीब ढाई घंटे तक ऑपरेशन चला है. पीड़िता के शरीर के अंदर के पार्ट्स तक डेमेज हो चुके हैं. ऑपरेशन के बाद बच्ची को आईसीयू में रेफर कर दिया गया. फिलहाल नाबालिग की हालत नाजुक बनी हुई है. उसे दो से तीन दिन तक डॉक्टर्स की देख-रेख में रखा जाएगा.

जेके लॉन अस्पताल के अधीक्षक डॉ अरविंद शुक्ला ने बताया कि बच्ची का 5 डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया है. बच्ची के अंदरूनी हिस्से में काफी गहरे घाव है. बच्ची का रेक्टम अपनी जगह से खिसक गया है. उसे जब अस्पताल में लाया गया तो काफी ब्लीडिंग हो रही थी. उसके प्राइवेट पार्ट में शार्प कट है. बच्ची के पेट में छेद करके अलग से रास्ता बनाया गया है. जिससे मल को बाहर निकाला जा सके. इसे प्लास्टिक सर्जन की मदद से रिपेयर कर रहे है. ऑपरेशन के बाद बच्ची को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है.

कई यूनिट चढ़ चुका है ब्लड

अलवर में मंगलवार रात को 14 साल की मूकबधिर नाबालिग बच्ची का अपहरण कर लिया गया था. जिसके बाद आरोपियों ने बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसे तिजारा फाटक पुलिया पर फेंक दिया था. एक घंटे तक पीड़िता पुलिया पर ही तड़पती रही थी. वो कुछ भी बता नहीं पा रही थी. हालत गंभीर होने पर दो यूनिट ब्लड देकर उसे जयपुर जेके लॉन अस्पताल में रेफर कर दिया गया. जयपुर में उसे दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया.

सरकरा के मंत्री पहुंचे पीड़िता के हाल जानने

जेके लोन अस्पताल में चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, मंत्री टीकाराम जूली, महिला और बाल विकास मंत्री ममता भूपेश और उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, संगीता बेनीवाल, एडीजी स्मिता श्रीवास्तव बच्ची को हाल जानने अस्पताल पहुंची थीं. अस्पताल में डॉ.सुधीर भंडारी, आईएएस वैभव गलरिया भी निरीक्षण के लिए मौजूद रहे.

बता दें कि अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं. पुलिस ने इस मामले में पोक्सो एक्ट और आईपीसी की कठोर धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया है. वहीं पीड़ित नाबालिग को 3.50 लाख रूपए पीड़ित प्रतिकर सहायता राशि जारी की जाएगी.

Next Story