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UP Madarsa: UP के मदरसा संचालकों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने एक्‍ट रद करने के फैसले पर लगाया स्‍टे

Special Coverage Desk Editor
5 April 2024 2:54 PM IST
UP Madarsa: UP के मदरसा संचालकों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने एक्‍ट रद करने के फैसले पर लगाया स्‍टे
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UP Madarsa: उत्तर प्रदेश मदरसा एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. मदरसा एक्ट को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया है. पढ़िए खबर विस्तार से...

Madrassas will continue in UP: उत्तर प्रदेश मदरसा एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत के इस आदेश से 16 हजार मदरसों में पढ़ने वाले करीब 17 लाख छात्र और छात्राओं को बड़ी राहत मिली है. दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद प्रदेश में चल रहे करीब 16 हजार से अधिक मदरसों की मान्यता खत्म कर दी थी. अब हाई कोर्ट के फैसले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

इलाहबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में बिना मान्यता के किसी भी मदरसे को संचालित करने से इंकार कर दिया था. इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि HC ने मदरसा एक्ट के प्रावधानों को समझने में भूल की है और यह एक्ट धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है और यह गलत है.

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिकाओं पर केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया. बता दें कि इलाहबाद हाईकोर्ट ने 2004 के एक्ट को असंवैधानिक करार दिया था. "सुपीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओ पर केंद्र, यूपी सरकार, यूपी मदरसा एजुकेशन बोर्ड को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने यूपी और केंद्र सरकार को 31 मई तक जवाब दखिल करने को कहा है.

यूपी सरकार के वकील ने कही ये बात

मदरसा एक्‍ट 2024 में सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि प्रदेश में चल रहे मदरसे सरकार से मिलने वाली सहायता से संचालित हो रहे हैं. इसी कारण अदालत को गरीब परिवार के बच्चों के हित में इस याचिका को खारिज कर देना चाहिए. सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा कि सूबे में अगर मदरसे चल रहे हैं, तो चलने दीजिए, लेकिन राज्य को इस मदरसों का खर्च नहीं उठाना चाहिए.

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