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LIVE : किसान आंदोलन के बीच एक किसान ने की आत्महत्या, जानिए- क्या है अब तक का अपडेट

आज किसान आंदोलन का 38वां दिन है.

LIVE : किसान आंदोलन के बीच एक किसान ने की आत्महत्या, जानिए- क्या है अब तक का अपडेट
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देश भर में तापमान लगातार गिर रहा है वहीँ देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों का जोश और जज्बा लगातार बढ़ रहा है. किसान पीछे हटने को तैयार नहीं है. धरने पर बैठे किसानों के सामने बारिश और ठंड दोहरी मुश्किलें लेकर आई है. दिल्ली में आज सुबह सुबह हल्की बारिश हुई है. इससे दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढ़ गई है.

आज किसान आंदोलन का 38वां दिन है. कड़ाके की ठंड के बीच किसान अपनी मांगों पर डटे हुए हैं, सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है. इससे पहले किसान और सरकार के बीच सातवें दौर की बातचीत में पूरा समाधान तो नहीं निकला लेकिन विवाद के दो मुद्दों पर सहमति बन गई.

किसान आंदोलन के बीच से एक बुरी खबर ये है की अभी अभी थोड़े दे पहले एक किसान ने आत्महत्या कर ली है। दिल्ली सीमा के गाजीपुर बॉर्डर पर एक किसान ने धरनास्थल पर बने एक शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मृत किसान का नाम कश्मीर सिंह है जो कि यूपी के रामपुर का निवासी बताया जा रहा है। किसान कश्मीर सिंह ने आत्महत्या से पहले एक कथित सूइसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर एक अपील भी लिखी है। आत्महत्या करने वाले किसान कश्मीर सिंह का जो कथित सूइसाइड नोट बरामद हुआ है, उसमें उन्होंने लिखा है कि उनकी शहादत बेकार ना जाए। कश्मीर सिंह ने यह भी लिखा है कि उनका अंतिम संस्कार दिल्ली यूपी की सीमा पर ही किया जाए। अभी और जानकारी नहीं हो सकी है. उनका परिवार बेटा पोता यही आंदोलन में निरंतर सेवा कर रहे हैं। सोसाइड नोट अब पुलिस के कब्जे में है। अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार उन्होंने इस सरकार को बताया है।

उन्होंने लिखा है कि आखिर हम कब तक यहां सर्दी में बैठे रहेंगे। इसका कारण आंदोलन के मद्देनजर इस सरकार को फेल होना बताया है और कहा है कि यह सरकार सुन नहीं रही है इसलिये अपनी जान देकर जा रहा हूं, ताकि कोई हल निकल सके। उन्होंने इसलिये अंतिम संस्कार यही होने की इच्छा जताई है।

वहीँ इस पूरे मामले पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने पर दुख जाहिर किया है. राकेश टिकैत का कहना है कि किसान इस आंदोलन से भावनात्मक रूप से जुड़ चुका है. सरकार सुन नहीं रही है. यही कारण है कि इस त्तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की अगर यही स्थिति रही तो इस सरकार को किसान धरती में मिला देगा.

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा, जिस सकारात्मक सोच के साथ पिछली बैठक हुई है तो मुझे आशा है कि 4 जनवरी को होने वाली बैठक में हल निकलेगा और ये आंदोलन भी खत्म हो जाएगा.

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने एक ट्वीट में कहा, "जैसे ही दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन ने 38वें दिन में प्रवेश किया, एक और किसान ने अपनी जान गंवा दी. मैं किसानों के संकल्प को सलाम करता हूं. सरकार को कृषि कानूनों को लंबित रखते हुए पुनर्विचार के लिए सहमत होना चाहिए. किसी भी नए कानून में किसान समुदाय की जरूरतों और इच्छाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए." इससे पहले उन्होंने कहा था कि किसानों की जरूरत और उनकी इच्छा का ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा है कि सरकार को ये कानून लंबित रखते हुए पुनर्विचार के लिए सहमत हो जाना चाहिए.

आपको बतादें इससे पहले गाजीपुर बॉर्डर पर तबीयत खराब होने की वजह से एक किसान की मौत हो गई. किसान का नाम गलतान सिंह तोमर बताया जा रहा है.गलतान सिंह तोमर बागपत जिले के मोजिदबाद गांव के रहने वाले थे. उनकी उम्र 65 से 70 के बीच थी. शुरुआती जांच के मुताबिक ठंड के चलते उनकी मौत हुई है. वह पहले दिन से ही आंदोलन से जुड़े हुए थे.

किसानों और सरकार के बीच अब 4 जनवरी को अगली बैठक है. उम्मीद की जा रही है कि इस दिन गतिरोध खत्म हो सकता है. कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि 4 जनवरी को सकारात्मक नतीजे आएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार 4 जनवरी को किसान संगठनों के साथ होने वाली बैठक में "सकारात्मक नतीजे" की उम्मीद कर रही है. लेकिन वह यह कहने से बचते नजर आए कि सातवें दौर की वार्ता अंतिम होगी. इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वह ज्योतिषी नहीं हैं.

स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता का अगला दौर 4 जनवरी, 2021 को होना है. यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो हम शाहजहाँपुर सीमा से 6 जनवरी को कुंडली-मानेसर-पलवल को मार्च करेंगे. उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत मुद्दों को हल करने के दावे झूठे हैं. हमारी दो मुख्य मांगें हैं - तीन कृषि कानून को रद्द किया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गारंटी के लिए कानूनी अभी भी लंबित है.

वहीँ हरियाणा किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि राज्य में सभी टोल प्लाजा फ्री रहेंगे। निजी को छोड़कर सभी पेट्रोल पंप और मॉल बंद रहेंगे। भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता राज्य में विरोध प्रदर्शन करेंगे और यह तब तक जारी रहेगा जब तक उनका गठबंधन टूटता नहीं है।

किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार के साथ होने वाली वार्ता में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे 6 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।

4 जनवरी को सरकार से होने वाली बातचीत से पहले 80 किसान संगठनों के नेता आगे की रणनीति को लेकर मंथन कर रहे हैं. इस बैठक के दौरान सरकार से बातचीत के प्रस्ताव और आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई जा रही है. किसानों के प्रदर्शन के कारण चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर को बंद कर दिया गया है. इन दोनों रास्ते से दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद की ओर लोग आते-जाते हैं. फिलहाल, हाइवे पूरी तरह से बंद है और लोगों से डीएनडी रूट लेने की सलाह दी जा रही है.

किसानों ने कहा कि अगर 4 जनवरी की बातचीत में परिणाम संतोषजनक ना निकला तो 6 जनवरी को मार्च होगा. वही मार्च जो 30 दिसंबर को रद्द हुआ था. राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर से किसान अगले हफ़्ते आगे बढ़ेंगे. 6 जनवरी से 20 जनवरी के बीच पूरे देश में किसान जन जागृति अभियान चलाएंगे. 23 जनवरी को नेता सुभाषचंद्र बोस की जयंती को किसान विशेष चेतना दिवस का आयोजन होगा. BJP नेताओं के खिलाफ देशभर में पार्टी छोड़ो अभियान चलाएंगे. पंजाब और हरियाणा के टोल आगे भी फ्री रहेंगे.

वहीँ देश भर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 850 से अधिक फैक्ल्टी सदस्यों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का समर्थन किया है. इन फैकल्टी सदस्यों ने कानूनों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया है. एक खुले पत्र में, इन लोगों ने कहा है कि वे किसानों को सरकार के आश्वासन पर दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि उनकी आजीविका की रक्षा की जाएगी.

पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह का निधन हो गया है. आज दिल्ली में उन्होंने अंतिम सांस ली. बूटा सिंह सिख समुदाय के बड़े नेता थे. वे केंद्र में मंत्री भी रहे थे. इसके अलावा बूटा सिंह बिहार के राज्यपाल भी थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है.

86 वर्षीय बूटा सिंह का अंतिम संस्कार आज ही किया जाएगा. बूटा सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. आठ बार सांसद रहे बूटा सिंह का राजनीतिक जीवन बहुत लंबा रहा. वर्ष 1934 जालंधर जिले में जन्में बूटा सिंह राष्ट्रीय राजनीति के एक बड़े चेहरे थे. उनका जन्म 1934 में जालंधर में हुआ था.

इस सब के बीच अच्छी खबर ये भी कि देशभर में चल रहे कोरोना वैक्सीनेशन के ड्राई रन के बीच स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देशभर में कोरोना की वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाएगी। दिल्ली में कोरोना वैक्सीनेशन के ड्राई रन का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में हर्षवर्धन ने कहा कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में कोरोना की वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाएगी।


Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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