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कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद BJP में शामिल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले उन्होंने पार्टी छोड़ी है.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. रेल मंत्री पीयूष गोयल और बीजेपी सांसद अनिल बलूनी की मौजूदगी में वे पार्टी में शामिल हुए. पार्टी में शामिल होने से पहले उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की. जितिन प्रसाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले उन्होंने पार्टी छोड़ी है.

इस मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि जितिन प्रसाद की प्राथमिकता हमेशा समाजसेवा रही है, उनके आने से पार्टी को बल मिलेगा. उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर उन्होंने अपने प्रतिभा से और काम से लोगों का दिल जीता. उन्होंने यूपी की राजनीति में एक प्रमुख भूमिका वर्षों तक निभाई. केंद्र सरकार में भी उनका बड़ा अनुभव रहा है."

वहीं जितिन प्रसाद ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा कि उन्होंने बहुत सोच-समझकर ये फैसला लिया है. उन्होंने कहा, "आज देश में अगर कोई असली राजनीतिक दल है तो वह भारतीय जनता पार्टी है, जो संस्थागत है. बाकी पार्टियां व्यक्ति विशेष है. प्रधानमंत्री मोदी जी दिन-रात देश की सेवा में लगे हुए हैं. वे एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं. इसलिए मैं भी इसमें योगदान देना चाहता हूं."

सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वालों में जितिन भी शामिल

जितिन प्रसाद उन 23 नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस में सक्रिय नेतृत्व और संगठनात्मक चुनाव की मांग को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी. पत्र से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की कांग्रेस कमेटी ने प्रस्ताव पारित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसे लेकर विवाद भी हुआ था.

जितिन प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं जिन्होंने पार्टी में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं. जितिन ने 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था और उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में इस्पात राज्यमंत्री बनाया गया था.

यूपीए सरकार में कई मंत्रालयों में संभाली जिम्मेदारी

इसके बाद उन्होंने 2009 में धौरहरा सीट से जीत दर्ज की थी. उन्होंने यूपीए सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग और मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली. 2014 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में तिलहर सीट से हाथ आजमाया लेकिन इसमें भी उन्हें निराशा ही मिली.

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी धौरहरा से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. साल 2001 में जितिन प्रसाद ने इंडियन यूथ कांग्रेस से अपने राजनीति की शुरुआत की थी. वे यूथ कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी बनाए गए. इसके बाद साल 2004 में उन्होंने ने अपना पहला चुनाव जीता. 2004 में केंद्रीय कैबिनेट में जितिन प्रसाद सबसे युवा मंत्री थे.

Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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