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मौसम पूर्वानुमान मई -2021 का, जानिए कब कब होगी मई में बरसात

मौसम पूर्वानुमान मई -2021 का, जानिए कब कब होगी मई में बरसात
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Dr. Shesh Narayan Vajpayee

संक्षिप्त मौसम साराँश :विशेषकर भारत के पूर्वोत्तर प्रदेशों में सामान्य वर्षा एवं बर्फबारी का वातावरण इस महीने भी चलता रहेगा | जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख हिमाचल उत्तराखंड आदि में वर्षा और वर्फबारी जैसी घटनाएँ इस महीने में भी देखने को मिल सकती हैं|पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर मई के महीने में वर्षा की संभावना काफी कम है ! यद्यपि विश्व के अधिकाँश देशों प्रदेशों में तापमान बढ़ने एवं आग लगने की संभावना 70 प्रतिशत तक रहेगी और आँधी तूफानों एवं चक्रवातों की संभावना 90 प्रतिशत तक रहेगी ! कुल मिलाकर मई के महीने में तापमान अधिक बढ़ा रहेगा तथा कुछ दिनों में हिंसक आँधी तूफान घटित होते अधिक देखे जाएंगे | इसके अतिरिक्त वायुप्रदूषण का स्तर भी 5 से 8 मई तक एवं 17 से 22 मई तक काफी अधिक रहेगा | कृत्रिमकोरोना महामारी का दिनोंदिन बढ़ता संक्रमण इसी 2 मई के बाद कम होना प्रारंभ होने की संभावना है |

वर्षा पूर्वानुमान :

1 मई को दिन भर तापमान अधिक बढ़ा रहेगा लू जैसी गरम हवाओं के थपेड़े सहने पड़ सकते हैं| इससमय वायुमंडल में ज्वलनशील गैसों की अधिकता रहेगी !इस कारण थोड़ी भी असावधानी होने पर कहीं भी आग लग जाने की दुर्घटना घटित हो सकती है | इस दिन वर्षा होने की संभावना नहीं है |

2 और 3 मई को पश्चिम से आने वाली गरम हवाओं की गति धीमी होगी एवं हिमालयी हवाओं का वेग बढ़ने से हवाओं में नमी की मात्रा अधिक रहेगी |तापमान कुछ कम होगा |कुछ देशों प्रदेशों में बादलों की उपस्थिति दिखाई पड़ेगी जिससे वर्षा की संभावना नहीं है |

4 और 5 मई को विश्व के अनेकों देशों प्रदेशों में वर्षा की संभावना है | विशेषकर भारत के जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख उत्तराखंड हिमाचल आदि में वर्षा एवं बर्फबारी जैसी घटनाएँ घटित होते देखी जा सकती हैं | हरियाणा पंजाब उत्तरी राजस्थान दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार आदि में वर्षा हो सकती है |

6 और 7 मई में बादलों की उपस्थिति तो रहेगी किंतु विशेष वर्षा की संभावना नहीं है हवाओं में शीतलता रहेगी फिर भी यहाँ से तापमान बढ़ना क्रमशः प्रारंभ हो जाएगा |

8 मई को कुछ क्षेत्रों में न बरसने वाले बादलों की आवाजाही रहेगी !तापमान बढ़ेगा मौसम सामान्य रहेगा |

9 मई को तापमान क्रमशः बढ़ना प्रारंभ जाएगा | लू जैसी गरम हवाओं का सामना करना पड़ सकता है |आग लग जाने की दुर्घटनाएँ अधिक घटित हो सकती हैं | वर्षा होने की संभावना नहीं है |

10और11मई को धूल भरी हवाओं का वेग बढ़ना प्रारंभ हो जाएगा !तापमान भी अधिक बढ़ चुका होगा !कुछ क्षेत्रों में आँधी तूफ़ान जैसी घटनाएँ भी घटित हो सकती हैं | वर्षा की संभावना बहुत कम है !

12और 13मई को चक्रवातों का निर्माण हो सकता है | जिससे समुद्रवर्ती कुछ देशों प्रदेशों में तेज हवाओं के साथ वर्षा का वातावरण बनने की संभावना है जबकि सामान्यतौर पर इन दिनों में वर्षा प्रायः नहीं होगी!केवल वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है |

14 और 15 मई को तापमान अधिक बढ़ा रहेगा ! गरम हवाओं के थपेड़े सहने पड़ सकते हैं| इससमय वायुमंडल में ज्वलनशील गैसों की अधिकता रहेगी !इस कारण थोड़ी भी असावधानी होने पर कहीं भी आग लग जाने की दुर्घटना घटित हो सकती है |वर्षा होने की संभावना नहीं है |

16 और 17 मई को गरम हवाओं की गति धीमी होगी एवं हिमालयी हवाओं का वेग बढ़ने से हवाओं में नमी की मात्रा अधिक रहेगी |तापमान कुछ कम होगा |कुछ देशों प्रदेशों में बादलों की उपस्थिति दिखाई पड़ेगी जिससे कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा की संभावना है |

18,19और 20 मई को विश्व के कुछ देशों प्रदेशों में वर्षा की संभावना है | विशेषकर भारत के जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख उत्तराखंड हिमाचल आदि में वर्षा एवं बर्फबारी जैसी घटनाएँ घटित होते देखी जा सकती हैं | हरियाणा पंजाब उत्तरी राजस्थान दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार आदि में वर्षा हो सकती है |

21और 22 मई को आकाश में बादलों की उपस्थिति देखने को मिलेगी तथा कुछ क्षेत्रों में कृषिकार्यों के लिए हितकारी अल्प मात्रा में वर्षा होने की संभावना है |गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है !

23मई को अधिकाँश देशों प्रदेशों में तेज धूप रहेगी वर्षा की संभावना नहीं है |तापमान बढ़ जाएगा! वायु मंडल में ज्वलन शील गैसों की मात्रा अचानक बढ़ जाने के कारण इस दिन आग लगने की संभावना अधिक रहेगी | इस दिन सूर्य मंडल लाल होगा एवं सूर्य की किरणें अधिक तीव्र होंगी इसीलिए इस दिन की धूप रोगों को जन्मदेने वाली एवं आँखों के लिए अहितकर होगी |वर्षा की संभावना अत्यंत कम है |

24 और 25 मई को हवाओं का वेग कुछ अधिक होगा |धूल भरी हवाओं का वेग बढ़ना प्रारंभ हो जाएगा | तापमान भी अधिक होगा !कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा के साथ आँधी तूफ़ान जैसी घटनाएँ भी घटित हो सकती हैं |

27और 28 मई कोआकाश में वायुप्रदूषण का स्तर काफी अधिक होगा| मौसम सामान्य रहेगा |समुद्र के किनारे स्थित देशों प्रदेशों में आँधी तूफ़ान ओलावृष्टि अधिक वर्षा एवं बज्रपात होने की संभावना है |इन दिनों में चक्रवातों का निर्माण हो सकता है | सामान्यतौर पर इन दिनों में वर्षा प्रायः नहीं होगी!

29और 30 मई को पश्चिम की ओर से आने वाली गरम हवाओं की गति धीमी होगी एवं हिमालयी हवाओं का वेग बढ़ने से हवाओं में नमी की मात्रा अधिक रहेगी |तापमान कुछ कम होगा |कुछ देशों प्रदेशों में बादलों की उपस्थिति दिखाई पड़ेगी | वर्षा की संभावनाबहुत कम है |

31 मई को विश्व के अनेकों देशों प्रदेशों में वर्षा की संभावना है | विशेषकर भारत के जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख उत्तराखंड हिमाचल आदि में वर्षा एवं बर्फबारी जैसी घटनाएँ घटित होते देखी जा सकती हैं | हरियाणा पंजाब उत्तरी राजस्थान दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार आदि में वर्षा हो सकती है |

आँधी तूफ़ान :वैसे तो मई संपूर्ण महीने में ही तेज हवाएँ एवं आँधी तूफानों का दौर जारी रहेगा | 1 से 27 मई तक पूर्वोत्तर भारत में हिंसक तूफानों की घटनाएँ अधिक घटित होते देखी जा सकती हैं | 1 से 18 मई के बीच में ऐसे हिंसक आँधी तूफानों की संख्या काफी अधिक रहने की संभावना है | जिससे जनधन की हानि काफी अधिक हो सकती है | मई महीने की10,11,12,13 मई एवं 24,25,26,27 तारीखें आँधी तूफानों की दृष्टि से अधिक डरावनी हो सकती हैं |इनमें चक्रवातों के निर्माण की संभावना अधिक रहेगी |समुद्र तटीय देशों प्रदेशों में ऐसे चक्रवातों से विशेष सावधान रहना चाहिए |

आग लगने के बिषय में पूर्वानुमान: सामान्य तौर पर मई के महीने आग लगने की घटने अधिक घटने की संभावना है | उसमें भी 21 से 29 मई तक अग्नि प्रकोप विशेष अधिक होगा !इसलिए इन दिनों में आग लगने की घटनाएँ काफी अधिक घटित हो सकती हैं|1,8,9,14,15,23,24 एवं 28 मई को अग्नि प्रकोप का भय विशेष अधिक रहेगा |इस महीने की इन तारीखों में तापमान भी अनुमान से काफी अधिक बढ़ा रहेगा !

तनाव का समय :26,27,2829मई को लोगों के मन में समाज में समुदायों एवं दो देशों के बीच में तनाव विशेष अधिक बढ़ जाने का समय है | ऐसे समय में जिन्हें पहले से कोई तनाव चला आ रहा होगा उन्हें इस समय में अधिक परेशानी होगी | जिनके साथ ऐसा नहीं है इस समय में बेचैनी उनकी भी बढ़ेगी किंतु उन्हें अधिक परेशानी का अनुभव नहीं होगा | वैसे भी मंगोलिया रूस चीन नेपाल म्यांमार भारत भूटान आदि देशों को आतंरिक एवं बाह्य तनाव का सामना मार्च के महीने में करना पड़ सकता है |

उत्पात का समय :मई के महीने में चीन नेपाल म्यांमार भारत भूटान आदि देशों में अग्निकांड एवं आँधी तूफ़ान आदि प्राकृतिक आपदाएँ अधिक घटित हो सकती हैं | 9से14 मई एवं 23 से28 मई को आकाश से पाताल तक संपूर्ण प्रकृति में बेचैनी बढ़ेगी | इसीलिए इन दिनों में भूकंप ,बज्रपात एवं विमान दुर्घटना जैसे हिंसक हादसे घटित हो सकते हैं |समय के दुष्प्रभाव से अकारण वाहनों का टकरा जाना,बसों का खाई में गिरजाना,दंगा फैलना,सरकारों एवं शासन के बिरुद्ध आंदोलन, देशों की सीमाओं पर संघर्ष गोलीबारी तथा बमविस्फोट आदि हिंसक आतंकवादी घटनाओं के घटित होने की संभावना इस समय में अन्य समय की अपेक्षा अधिक रहती है |यहाँ तक कि सभी जीवों में मानसिक बेचैनी बढ़ने के कारण जीव अधिक हिंसक एवं आक्रमक हो सकते हैं |लोगों के चिंतन में हिंसा उन्माद की मात्रा अन्य समय की अपेक्षा इन दिनों में अधिक बढ़ जाएगी !इसलिए परिवारों, जातियों, संप्रदाओं, समुदायों, देशों में आपसी तनाव बढ़ सकता है |अतएव इन दिनों में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए |


Shiv Kumar Mishra
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