
हरतालिका तीज: महिलाएं क्यों रखती है तीज का ये व्रत, जानें पूजन विधि और शुभ समय

नई दिल्ली : सुहागिनों के महापर्व के रूप में प्रचलित हरतालिका तीज भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन मनाया जाता है। भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है। इस बार हरतालिका तीज व्रत गुरुवार को मनाया जाएगा।
पति की लंबी आयु और अच्छे वर की चाहत रखने वाली महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखती है। कहा जाता है कि शिवजी को पाने के लिए मां पार्वती ने यह व्रत रखा था। इस दिन जो महिलाएं व्रत रखती हैं वे पूरी रात जाग कर शिव भजन करती हैं।
इस बार हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त 23 अगस्त की रात 9:03 से 24 अगस्त की रात 20:27 बजे तक रहेगा। प्रदोषकाल हरतालिका तीज का मुहूर्त शाम 6:30 बजे से रात 08:27 बजे तक है।
हरतालिका तीज का व्रत रखते वक़्त कुछबातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए
1) व्रत के दिन सुबह सूर्य निकले से पहले उठ जाएं और स्नान करके साफ वस्त्र धारण कर लें।
2) इस दिन दिनभर व्रत रखें। लेकिन अपने स्वास्थ का भी ख्याल रखें, यदि कोई परेशानी है तो जल, फल, जूस, आवश्यक चीजें और दवाई लेते रहें।
3) अगर हो सके तो हरतालिका तीज का पूजन अन्य महिलाओं के साथ मिलकर समूह में करें या किसी मंदिर में करें।
4) हरतालिका तीज के पूजन के लिए केले के पत्तों का प्रयोग करके एक मंडप तैयार करें। उसमें गौरी-शंकर की मूर्ति स्थापित करें।
5) सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें।
6) शिवजी का पूजन करें, वस्त्र अर्पित करें।
7) माता पार्वती का पूजन करें, सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
8) हरितालिका तीज की कथा सुनें।
9) शाम माता पार्वती और शिवजी के पूजन की तैयारी करें।
10) माता पार्वती और शिवजी की आरती करें, मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।
11) रात में भजन, कीर्तन करते हुए जागरण करें।




