
राज्यसभा चुनावः काउंटिंग से पहले भाजपा नेता ने मानी हार

भोपाल
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए शनिवार को मतगणना होने से पहले ही भाजपा के निर्दलीय उम्मीदवार विनोद गोटिया ने हार स्वीकार कर ली. उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और अनैतिक तरीका अपनाने का आरोप लगाया. राज्यसभा की तीन सीटों के लिए शनिवार को मतदान को लेकर भारी गहमागहमी है। मतदान प्रक्रिया खत्म होने के बाद भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार गोटिया ने हार स्वीकार कर ली है.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस के उम्मीदवार विवेक तन्खा को जिताने के लिए भ्रष्टाचार का सहारा लेने के साथ अनैतिक तरीके भी अपनाए गए. राज्य विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं. इनमें से 228 विधायकों ही मतदान में हिस्सा लिया. 227 विधायक मतदान केंद्र पहुंचकर प्रत्यक्ष तौर पर मतदान किया, जबकि कांग्रेस के एक विधायक और नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के लिए डाक मतपत्र मुंबई भेजा गया है.
राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में भाजपा के दो उम्मीदवार अनिल माधव दवे व एम.जे.अकबर मैदान में हैं. इन दोनों की जीत तय मानी जा रही है, वहीं एक निर्दलीय उम्मीदवार विनोद गोटिया का भाजपा ने समर्थन किया है. कांग्रेस के उम्मीदवार विवेक तन्खा के समर्थन में 57 विधायक हैं. बसपा के चार विधायकों का भी समर्थन उन्हें मिल गया है. इस तरह तन्खा की भी जीत तय मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें जीत के लिए 58 विधायकों का समर्थन चाहिए. कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी तन्खा का समर्थन किया है.




