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Archived
सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय, पुलिस और CBI से मांगा जवाब
Special Coverage News
12 July 2017 12:57 PM GMT
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दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले पर BJP नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी की ओर से दाखिल उस याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब-तलब किया गया है.
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले पर BJP नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी की ओर से दाखिल उस याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब-तलब किया गया है, जिसमें CBI की अध्यक्षता वाली SIT की जांच अदालत की निगरानी में करने की मांग की है।
बता दे कि जस्टिस जीएस सिस्तीनी और पीएस तेजी की पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय और सीबीआइ और दिल्ली पुलिस के पक्ष को सुना जाना जरूरी है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। सुनंदा पुष्कर की रहस्यमयी मौत के साढ़े तीन साल बीत गए है। दिल्ली पुलिस से कोर्ट ने अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। दिल्ली पुलिस अभी तक इस मामले में अब तक इस मामले में चार्जशीट भी फाइल नही कर पाई है।
स्वामी के साथी याचिकाकर्ता वकील इश्करन सिंह भंडारी ने आरोप लगाया है कि मामले के कई साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुनंदा पुष्कर की मौत का मामला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हित से जुड़ा है, क्योंकि पुष्कर क्रिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार के बड़े खुलासे करने जा रही थीं। स्वामी ने कोर्ट को बताया कि पुष्कर अपनी मौत से पहले एक प्रेस कांफ्रेस करके क्रिकेट जगत के कई काले अध्याय खोलने जा रही थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद इस मामले को प्रभावित करने का कार्य कर रहे हैं। स्वामी ने आरोप लगाया है कि जांच में देरी की जा रही है, जो कि न्याय प्रणाली पर एक धब्बा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि न तो थरुर की पार्टी सत्ता में है और न ही वो मंत्री हैं। कोर्ट ने मामले में कोई आदेश पारित करने से पहले विपक्षी दल का पक्ष जानना चाहा। फिलहाल, ये देखना काफी अहम होगा कि पुष्कर की मौत से जुड़े जाच रिपोर्ट में तमाम एजेंसियां अपना क्या पक्ष रखती हैं। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को मामले की अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखन का निर्देश दिया।
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