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इस आदेश से मचा कश्मीरियों और उनके आकाओं में हडकम्प!

इस आदेश से मचा कश्मीरियों और उनके आकाओं में हडकम्प!
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Kashmir TV Channel

दक्षिणी कश्मीर से आतंकियों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सेना का अभियान शुक्रवार को सफलतापूर्वक ख़त्म हो गया। अभियान के तहत शोपियां के 20 से ज्यादा गांवों में करीब 3 हजार जवान उतारे गए। इसके अलावा, हेलिकॉप्टर और ड्रोन से भी नज़र रखी गई। अभियान के तहत जवानों ने घर-घर की तलाश की।


गौरतलब है कि घाटी में पिछले कुछ दिनों से हिंसा का नया दौर शुरू हुआ है। खासकर दक्षिणी कश्मीर के शोपियां एवं पुलवामा में बैंकों में लूटपाट की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा पुलिस के हथियार लूटने और पत्थरबाज़ी की घटना भी हुई। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों के इन क्षेत्रों में छिपे होने की आशंका के मद्देनजर बृहस्पतिवार को ये अभियान शुरू किया था। इसी अभियान से आतंकवादियों ने गुरुवार को सेना के एक दल पर हमला भी किया, जिसमें दो सैनिक घायल हो गए और एक नागरिक की मौत हो गई।


घाटी के इन हालातों के बीच सूबे के राज्यपाल एनएन वोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि वोहरा ने पीएम को घाटी की सुरक्षा स्थिति से अवगत करवाया। इससे पहले वोहरा ने मंगलवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी और राज्य की सुरक्षा स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी दी थी।


इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुलगाम में इस हफ्ते पांच पुलिसवालों समेत सात लोगों की हत्या के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार माने जा रहे हिजबुल मुजाहिद्दीन के संदिग्ध आतंकवादी उमर माजिद के बारे में सूचना देने वाले को 10 लाख का इनाम देने का फैसला किया गया है। इस बारे में कुलगाम में पुलिस ने पोस्टर भी लगाए हैं।


राज्य में निजी केबल ऑपरेटर बिना ज़रूरी मंजूरी के 50 से ज्यादा सऊदी और पाकिस्तानी चैनलों के अलावा जाकिर नाइक के प्रतिबंधित पीस टीवी और भारत विरोधी दुष्प्रचार करने वाले अन्य चैनलों को दिखा रहे हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि ऐसे केबल ऑपरेटरों के उपकरण जब्त करने और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का स्थानीय प्रशासन के पास अधिकार है।


इन सबके बीच राज्य सरकार विकास कार्यों और लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर दे रही है। छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में और 800 किंडरगार्डन खोलने का फैसला किया है। पहले खोले गए स्कूलों के प्रति लोगों के उत्साह के बाद ये फैसला लिया गया है।


बच्चों के साथ ही युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए सरकार और सुरक्षाबल तमाम कदम उठा रहे हैं। पुलवामा में सीआरपीएफ अंडर-14 फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन कर रही है, जिसका मकसद शांति और सौहार्द बनाना है। 6 तारीख से होने वाले डिस्ट्रिक मैचों से पहले लीग मैचों का आयोजन किया गया। पुलवामा के तमाम स्कूलों की टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं।


सरकार का इरादा साफ है कि आतंकियों के ख़िलाफ़ सख़्ती हो और युवाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें रोजगार, विकास के साथ ही मनोरंजन की सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं।

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