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जाट आरक्षण: धरना प्रदर्शन के समर्थन में आए कांग्रेस और इनेलो
Special Coverage news
15 Jun 2016 4:00 PM IST

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रोहतक: हरियाणा पांच जून से शुरू हुए जाटों के धरना-प्रदर्शन में अब कांग्रेस और इनेलो खुलकर सामने आया है। मंगलवार को रोहतक जिले से संबंधित दो कांग्रेस विधायकों के धरने में पहुंचने के बाद इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला भी खुलकर सामने आ गए हैं।
अभय ने कहा कि वे बुधवार 15 जून को प्रदेश में जाट आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे धरना स्थलों पर जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने आंदोलनकारियों से उकसाने के लिए होने वाली तमाम कोशिशों के बावजूद शांति, संयम व सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मेहम में सीएम का बयान लोगों को उकसाने वाला था।
अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो पहले भी आरक्षण दिए जाने के पक्ष में थी, अब भी आरक्षण पर समर्थन का पूरा भरोसा दिलाते हुए उनकी पार्टी जाटों सहित पांचों जातियों को दिए गए आरक्षण को कायम रखने की पक्षधर है।
कांग्रेस और इनेलो की इस कार्रवाई के बाद से खट्टर सरकार सकते में है। वजह वजह साफ है कि पिछले जाट आंदोलन में राजनीतिक दलों के उकसावे के कारण आंदोलन जातीय हिंसा में बदल गया था, जिसका खामियाजा अभी तक भाजपा सरकार भुगत रही है।
इनेलो के खुलकर सामने आने के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था ने भी मंथन शुरू कर दिया है। हालांकि इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना देने की अपील की है। मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत के लिए जाट नेताओं और खाप प्रतिनिधियों की जो बैठक अब 15 की बजाय 17 जून को होगी। 17 जून को होने वाली इस बैठक को लेकर सरकार के साथ अधिकारियों ने भी होमवर्क शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि यह मसला बातचीत से सुलझाया जा सकता है। सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत भी शुरू की है, अच्छी बात है कि वो लोग बातचीत के लिए तैयार हुए हैं। जहां तक आरक्षण का सवाल है, हमने एक्ट बना दिया है। हाईकोर्ट में स्टे हुआ है, उसको हटवाने के लिए कोशिश जारी है।
सरकार कोर्ट में पूरी मजबूती से पैरवी कर रही है। हमने आरक्षण के लिए आंदोलन करने वाले उन संगठनों से भी कहा है कि वे भी अगर अपने वकील को कोर्ट में पैरवी के लिए खड़ा करें तो सरकारी वकील की तरह हम उसकी फीस भी देने को तैयार हैं।
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