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MP के सबसे बड़े अस्पताल MYH में ऑक्सीजन खत्म, वार्ड के सभी मरीज और बच्चे की मौत

Kamlesh Kapar
22 Jun 2017 1:24 PM IST
MP के सबसे बड़े अस्पताल MYH में ऑक्सीजन खत्म, वार्ड के सभी मरीज और बच्चे की मौत
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MYH अस्पताल में ऑक्सीजन गैस की सप्लाय बंद होने की आशंका जिससे इलाज के लिए भर्ती 9 से अधिक मरीजों की मौत
इंदौर: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल MYH में गुरुवार तड़के कुछ देर के लिए ऑक्सीजन गैस की सप्लाय बंद होने की आशंका जताई जा रही है जिससे अस्पताल की तीसरी व पांचवीं मंजिल पर इलाज के लिए भर्ती 9 से अधिक मरीजों की मौत को इससे जोड़ कर देखा जा रहा है। मृतकों में 4 बच्चे भी शामिल होना बताए गए हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

बता दे कि MYH अस्पताल में जिन मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही थी महज आधे-पौन धंटे के अंतराल में उनमें अधिकतर की मौत हो गई है। मृतकों में एक 70 वर्षीय अज्ञात वृद्ध शामिल है जिसे रात साड़े तीन बजे ही उज्जैन से लाकर पांचवीं मंजिल के 27 नंबर वार्ड में भर्ती किया गया था। इसी तरह मानपुर के बिचोली में रहने वाले नारायण पिता उदयराम (45) को कल शाम घर में जहर खाने के कारण अस्पताल लाकर भर्ती किया गया था, उसकी सुबह 4 बजे मौत हुई है।

वही तीसरा मरीज है जगदीश पिता दयाराम (50) निवासी बबलाई जिला खरगोन वो भी पांचवीं मंजिल पर भर्ती था उसे भी गहन उपचार के लिए ऑक्सीजन दी रही थी। इन तीनों मरीजों की मौत लगभग चार बजे के आसपास हुई है। अस्पताल प्रशासन ने इन मरीजों के मर्ग इंटीमेशन के लिए संबंधित थानों की पुलिस को फोन पर सूचना भी दी है।

उधर अस्पताल सूत्रों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक ऑक्सीजन की सप्लाय बंद रही, इस दौरान अस्पताल की तीसरी मंजिल पर भर्ती कुछ बच्चों की भी एक साथ मौत हुई है। चूंकि बच्चे अलग-अलग बीमारी के कारण भर्ती किए गए थे अत: फिलहाल न तो उनका मर्ग कायम हुआ न अभी उनकी जानकारी मिल सकी है।

साफ-साफ पूछे जाने पर डॉ पाल ने दावा किया कि अस्पताल की ऑक्सीजन सप्लाय बंद नहीं हुई थी।खबर के बाद ही शहर में हड़कंप मच गया। अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे थे और खबर छपते ही पूरे शहर में भागदौड़ शरू हो गई। कलेक्टर कमिश्नर से लेकर सभी बड़े अधिकारी एमवाय पहुंचे और मामले को दबाने की कोशिश शुरू हो गई। बता दे की इससे पहले भी यहाँ इस तरह की लापरबाही हो चुकी है।

आज सुबह जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. वीएस पाल से इस संबंध में फोन पर जानकारी मांगी गई तो पहले उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मैं तो अस्पताल में बैठा हूँ कोई मौत नहीं हुई। कुछ देर बाद बात करते हुए जानकारी मांगी तब भी वो मानने को तैयार नहीं थे की किसी की भी मौत हुई है। आखिर जब उन्हें नाम पते सहित बताया गया कि एमएलसी केस के तीन मरीज एक साथ कैसे चल बसे तो अधीक्षक का जवाब था कि ऑक्सीजन बंद होने के कारण किसी की भी मौत नहीं हुई।
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