
रंग जुम्बिश के बैनर तले आज होगा नाटक "मृच्छकटिकम्" का मंचन !

हिमा अग्रवाल जयपुर
शूद्रक द्वारा लिखित नाटक 'मृच्छकटिकम्' का मंचन आज महाराणा प्रताप सभागार मे शाम 7 बजे से किया जायेगा। लगभग 15 लघु नाटक नाटिकाओं का अद्भुत निर्देशन करने के बाद सूफियान सुप्रसिद्ध रचनाकार शूद्रक द्वारा रचित उक्त कृति को गढ़ रहे हैं।
इस नाटक को जयपुर के नए व युवा कलाकारों ने 3 महीने के कड़े परिश्रम और प्रशिक्षण द्वारा सूफ़ियान के निर्देशन में तैयार किया है। मृच्छकटिकम् (अर्थात्, मिट्टी की गाड़ी) संस्कृत नाट्य साहित्य में सबसे अधिक लोकप्रिय रूपक है। नाटक की पृष्टभूमि पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) है।
'मृच्छकटिकम' नाटक इसका प्रमाण है कि अंतिम आदमी को साहित्य में जगह देने की परम्परा भारत को विरासत में मिली है जहाँ चोर, गणिका, गरीब ब्राह्मण, दासी, नाई जैसे लोग दुष्ट राजा की सत्ता पलट कर गणराज्य स्थापित कर अंतिम आदमी से नायकत्व को प्राप्त होते हैं। डॉ भूमिका अग्रवाल द्वारा नाटक में उत्कृष्ट रागों का चयन किया गया है जो दर्शकों को अवश्य पसंद आएगा ।




