
कांग्रेस 2019 में रोने के लिए मजदूर कहाँ से लाएगी?

एक कहावत है। आपने भी जरूर सुनी होगी। ठोकर खाकर ठाकुर बन जाता है। लेकिन कांग्रेस पर इस कहावत का तनिक भी असर नही हुआ है। कांग्रेसी नेता एक दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ में लगे हुए है। अपने को दूसरे से ज्यादा ताकतवर सिद्ध करने के लिए कांग्रेस का बंटाधार करने की मुहिम छिड़ी हुई है। चार नेता और पांच धड़े। कांग्रेस डूबे या या उसका पतन हो, इससे किसी को फर्क नही पड़ रहा है। नाक नीची नही होनी चाहिए।
जर्जर इमारत की मरम्मत की जानी चाहिए। लेकिन कांग्रेसी नेता इस जर्जरित इमारत को ही गिराने पर आमादा है। कांग्रेस को पहले ही राहुल गांधी रसातल में पहुँचा चुके है। रही सही कसर उसके चमचे और मक्खनबाजी करने वाले पूरी करने में सक्रिय है। यही वजह है कि भाजपा दिनों दिन मजबूत और कांग्रेस गड्ढे में पहुँचने की तैयारी कर रही है। हालात यही रहे तो 2019 में कांग्रेस को रोने के लिए मजदूर भी नही मिलेंगे।




