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'सीधे-सादे बबुआ का जब टाइम आ गया जबर' बताइए कब हुए आप पहली बार आत्मनिर्भर?

सीधे-सादे बबुआ का जब टाइम आ गया जबर बताइए कब हुए आप पहली बार आत्मनिर्भर?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात आठ बजे कहा कि हम आत्म निर्भर बनने की और अग्रसर है. विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है- "आत्मनिर्भर भारत" एक राष्ट्र के रूप में आज हम एक बहुत ही अहम मोड़ पर खड़े हैं.इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है.आत्मनिर्भर भारत का ये युग, हर भारतवासी के लिए नूतन प्रण भी होगा, नूतन पर्व भी होगा. अब एक नई प्राणशक्ति, नई संकल्पशक्ति के साथ हमें आगे बढ़ना है.

पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता हमें सुख और संतोष देने के साथ-साथ सशक्त भी करती है. 21वीं सदी, भारत की सदी बनाने का हमारा दायित्व, आत्मनिर्भर भारत के प्रण से ही पूरा होगा.इस दायित्व को 130 करोड़ देशवासियों की प्राणशक्ति से ही ऊर्जा मिलेगी. आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए 'वोकल' बनना है, न सिर्फ लोकल Products खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है.मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है.

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 4, पूरी तरह नए रंग रूप और नए नियमों वाला होगा. राज्यों से मिल रहे सुझावों के आधार पर इससे जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई से पहले दी जाएगी. मुझे पूरा भरोसा है कि नियमों का पालन करते हुए हम कोरोना से लड़ेंगे भी और आगे भी बढ़ेंगे.

उन्होंने कहा कि जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाइयां एक नई आशा लेकर पहुंचती हैं.इन कदमों से दुनिया भर में भारत की भूरि-भूरि प्रशंसा होती है.दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत अच्छा कर सकता है.

Shiv Kumar Mishra
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