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बाड़मेर के बालोतरा में रविवार को चलती बस में आग लगने से मां-बेटी की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। आग से बस में धुआं भर गया जिससे दोनों बेहोश हो गईं और निकल नहीं पाईं। देखते ही देखते दोनों जिंदा जल गईं। बस में उनके सिर्फ कंकाल ही बचे। आग का काफी देर में पता चला, हालांकि ड्राइवर ने बस रोककर बाकी यात्रियों को बाहर निकाल लिया। आग से बस जलकर खाक हो गई
बाड़मेर डिपो की स्लीपर बस जयपुर से बाड़मेर जा रही थी। बस में 15 यात्री सवार थे। बस बालोतरा में रुकी थी। बालोतरा से बस बाड़मेर की ओर रवाना हुई। बालोतरा-बागुंडी हाइवे पर खेड़ के पास बस में आग लग गई।
बस काफी देर से लगी थी। हादसे के समय यात्री सो रहे थे। आग से बस में धुआं भर गया। जब यात्रियों की आंख खुली तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग का पता चलते ही ड्राइवर ने बस रोक दी। यात्री भागकर बस से उतर गए, लेकिन एक महिला और उसकी बेटी बस में ही रह गए। तब तक आग बस के भीतर लग गई थी और धुएं से दोनों बेहोश हो गईं। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई और धू-धू कर जलने लगी। सेकंडों में ही दोनों जल गईं। ड्राइवर व यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। वहां से गुजरने वाले वाहन चालक भी रुक गए। दोनों तरह लंबा जाम लग गया।
पुलिस की सूचना पर थोड़ी ही देर में दो दमकल वहां पहुंच गईं। दमकलों ने दो घंटे में आग पर काबू पाया। तब तक बस पूरी जल चुकी थी। इसलिए नहीं निकल सकीं दोनों, बस में धुआं भरा तो यात्री बस से उतर गए, लेकिन मां-बेटी धुएं से बेहोश हो गईं। तभी बस का डीजल टैंक फट गया। इससे बस में आग और फैल गई। आग बेकाबू हो गई और दोनों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। राहत व बचावकर्मियों को दोनों के कंकाल ही मिले।
इनकी गई जान
हादसे में रेखा पत्नी अजीत सिंह व कविया पुत्री अजीत सिंह की मौत हो गई। ये नागौर जिले के रावतखेड़ा की रहने वाली थीं।
शॉर्ट सर्किट से लगीआग
पुलिस के अनुसार शुरूआती जांच से लगता है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी। पुलिस ने क्रेन से बस को सड़क से हटवाया तथा जाम खुलवाया।
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