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राज्यपाल की जीवनी वाली पुस्तक विवाद, टकनेत के खिलाफ राज्यपाल ने दिए जांच के आदेश

ओएसडी जायसवाल के निर्देश पर राजभवन के कर्मचारियों ने ही कुलपतियों की कार में किताबों के बंडल रखे थे।

राज्यपाल की जीवनी वाली पुस्तक विवाद, टकनेत के खिलाफ राज्यपाल ने दिए जांच के आदेश
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राज्यपाल कलराज मिश्र की जीवनी पर आधारित पुस्तक "मैं निमित्त मात्र हूँ" की वजह से उपजे विवाद के बाद अब जांच की कार्रवाई प्रारम्भ होगई है। राज्यपाल मिश्र ने पुस्तक के लेखक डीके टकनेत के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान किये है। इसके अतिरिक्त ओएसडी गोविंद जायसवाल से समूचे प्रकरण पर स्पस्टीकरण मांगा है।

राजभवन सूत्रों ने बताया कि जैसे ही मेरी आज की पोस्ट "राज्यपाल को टोपी पहनाकर टकनेत उड़न छू" राज्यपाल के पास पहुंची, वे आगबबूला हो गये। उन्होंने सचिव सुबीर कुमार को निर्देश दिए कि टकनेत के खिलाफ विधिक और आपराधिक कार्रवाई अविलम्ब प्रारम्भ की जाए। साथ ही टकनेत की संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मारवाड़ी/मैनेजमेंट एन्त्रप्रयोरनशिप को आवंटित जमीन आवंटन की भी जांच करने की हिदायत दी गई है।

ज्ञातव्य है कि राज्यपाल कलराज मिश्र की जीवनी "मैं निमित्त मात्र हूँ" का विमोचन राजभवन में भव्य समारोह आयोजित कर किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विशेष रूप से उपस्थित हुए । कोरोना के बाद वे पहली बार सीएमआर से बाहर आये। जबकि चिकित्सकों ने उन्हें दो माह तक अपने निवास पर ही रहने की सलाह दी थी। इस समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी शिरकत की।

बताया जाता है कि राजभवन से फोन कर प्रदेश के सभी कुलपतियों को इस समारोह में उपस्थित होने का निर्देश प्रदान किया गया था। इसकी अनुपालना में करीब करीब सभी कुलपति मय स्टाफ के उपस्थित हुए। भत्ते सहित एक कुलपति की यात्रा पर एक लाख रुपये से भी ज्यादा का व्यय हुआ। ओएसडी जायसवाल के निर्देश पर राजभवन के कर्मचारियों ने ही कुलपतियों की कार में किताबों के बंडल रखे थे।

महेश झालानी
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