

देश में आज यदि सर्वाधिक कोई मजाक का पात्र बन रहा है तो वह हमारे स्वतंत्र भारत के इतिहास में वर्तमान प्रधानमंत्री हैI शायद देश में भाजपा के अंध भक्तो के अलावा देश की बहुसंख्यक जनता के मन में वर्तमान भाजपा सरकार के प्रधान सेवक का विश्वास कतई उठ चुका हैI कथनी और करनी का इतना बड़ा भेद विश्व के किसी भी राष्ट्र नेता के शब्दों में नही पाया जाता जितना हमारे प्रधान सेवक जी के शब्दों में हैI हास्य कवि सम्मेलनों में भी अब तो कवि समुदाय प्रधान सेवक जी से प्रेरणा लेकर ही झूठ बोल रहा है I
व्यक्ति झूठ भी बोले तो उसका झूठ बोलने का विजन बड़ा होना चाहिए I देश की वर्तमान भाजपा सरकार के मुखिया पर व्यापक रूप से बड़े विजन को सामने रखकर सम्पूर्ण देश वासियों को बड़ा से बड़ा झूठ परोसने का साहस प्राप्त है I प्रधान सेवक से प्रेरणा लेकर अब तो भाजपा के सभी छोटे बड़े नेता बिना काम किये ही बड़े बड़े काम करने के झूठे बयान देकर देश में विकास की गंगा बहा रहे है I शायद लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर झूठ बोलने वाले प्रधान सेवक को स्वयं भी अब याद नही है कि वे क्या और कितना अब तक झूठ बोल चुके है I
देश की आजादी का अपना महत्त्व है हमारे देश ने आजादी का सपना सन 1857 में देखा था, उसको पूर्ण होने में सन 1947 तक का लम्बा सफ़र देश ने तय किया है I देश की आजादी के लिए हजारो भगत सिंह, राजगुरु, चन्द्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खान, रानी लक्ष्मी बाई, तांत्या टोपे, सुभाष चन्द्र बोस, बहादुर शाह जफ़र, गांधी, नेहरू, सरदार पटेल, अब्दुला गफ्फार, सीमान्त गांधी, मोहम्मद अली जोहर बंधू, मौलाना अबुल कलाम आजाद ने अपने तन मन धन की बाजी लगाई थी I कितनी नीव की ईंटे भव्य भारत वर्ष की बुनियाद में चुप चाप अपने प्राणों की आहुति दे कर दफ़न हो गई I उन सभी पुण्यात्माओ का लक्ष्य अनेकता में एकता का सन्देश देने वाले स्वतंत्र, सबल, सक्षम भारत का निर्माण करना था I दुर्भाग्य से आजादी की लड़ाई में अंग्रेजी हुकूमत के तरफदार वने संघियों ने देश में झूठ का जाल फैलाकर देश में नफरतो की सियासत का बाजार गरम कर रखा है I
देश में झूठ का मकड जाल फैलाकर राष्ट्र निर्माण के पूनीत कार्य करने वाले सभी राष्ट्र की विभूतियों के राष्ट्र निर्माण के योगदान पर पानी फेरने का काम प्रधानमंत्री स्वय कर रहे है I चारो और एक स्वर में पिछली सभी सरकारों के द्वारा राष्ट्र निर्माण के किये कार्यो पर सवाल खड़े किये जा रहे है I घर के जवान बेटे अपने ही घर के पुरखो को मूर्ख बताकर उन्हें विफल करार देकर कौनसा राष्ट्र धर्म निभा रहे है I 70 वर्षो के स्वतंत्र राष्ट्र के जीवन काल में प्रगति के अनेक सोपान हमने तय किये है I आजादी के सुख को देश के बंटवारे के गम ने एक मानव निर्मित त्रासदी में बदल डाला था I रक्त रंजित तत्कालीन भारत वर्ष को आजादी देने वाले अंग्रेजो ने तब भविष्य वाणी की थी कि भारत वर्ष लम्बे समय तक राष्ट्र के रूप में एक नही रह पायेगा I भारत निर्माण की बुनियाद राष्ट्र की नींव समता और परस्पर विश्वास और आपसी भाईचारे पर रखी गयी I
उसी का परिणाम है कि हम छिटपुट हिंसा, दंगो की घटनाओं के बाद भी व्यापक रूप से जीओ और जीने दो के सहअस्तित्व के सिद्धांत पर चलकर देश के निर्माण कार्य में लगे रहे है I देश में जवाहर लाल नेहरू की औद्योगिक क्रांति के विजन का परिणाम है कि हमने देश में बड़े बड़े कल कारखाने खोलकर रक्षा समान से लेकर भारी स्पात निर्माण में आत्म निर्भरता पाई I देश को खाद्यान्न के मामले के आत्मनिर्भर बनाने के लिए सप्ताह में एक दिन उपवास के साथ 'जय जवान जय किसान' का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और ईमानदारी का लोहा आज भी कृतज्ञ राष्ट्र मानता है I देश को एक सर्जिकल स्ट्राईक के बल पर छलने वाले भूल जाते है कि कभी इस देश की स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को सम्पूर्ण विश्व आयरन लेडी कहकर उसका लोहा मानता था I पकिस्तान में जाकर नवाज शरीफ की नातिन की शादी में बिन बुलावे जाने वाले को यह भी याद नही कि स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने भारत में आतंक फ़ैलाने वाले नापाक पकिस्तान का शरीर से एक बाजु काटकर अलग भाग बंगलादेश बना दिया था I
राजस्थान के पोकरण में परमाणु बम का परिक्षण करने का प्रथम साहस इंदिरा गांधी ने किया था I भाजपा के अटल बिहारी सरकार ने पोकरण दो के रूप में परमाणु परिक्षण करके विश्व को आश्चर्य चकित कर दिया था I मिसाइल मेन भारत के राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भारत को स्वदेशी उन्नत मिसाईल बनाकर विश्व के शक्तिशाली देशो की पंक्ति में खड़ा कर दिया था I विश्व के सभी राष्ट्र जब मंदी की मार से कराह रहे थे, तब भारत के अर्थशास्त्री पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई बुलदियों पर पहुंचाया I सम्पूर्ण विश्व तब हमारे देश की तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था मानकर सलाम ठोकता था I यहाँ तक के तत्कालीन अमरीका के राष्ट्रपति को कहना पड गया था कि अमरीका वासियों भारत वासी तुम्हारी नोकरियाँ खाजाएंगे इनसे सावधान रहना होगा I भारत वर्ष के बौद्धिक कौशल के साथ सम्पूर्ण विश्व में भारत की आर्थिक ताकत को प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के समय में सम्मान के साथ देखा जाने लगा I इसके विपरीत देश में आज ऐसे लोग सत्ता पर काबिज हो गये है जो काम नही करके सिर्फ पिछली सरकारों के नेताओ को ही भला बुरा कहने का काम करते है I
आज भाजपाईयों के द्वारा देश भर में फैलाई नफरतो के कारण समाज में संवेदनाए, मानवता का तेजी से हांस हो रहा है I देश में गाय माता को राजनैतिक लाभ के लिए भुनाया जा रहा है I गोवा, अरुणाचल प्रदेश में भाजपा गाय का मांस सस्ता करने की बात करती है तो उत्तर भारत के साथ गुजरात, छतीसगढ़ जैसे राज्यो में गाय के नाम पर दलित मुस्लिमो की ह्त्या करने वालो को सत्ता का संरक्षण देने का काम भाजपा सरकारें कर रही है I यूपी के दादरी कस्बे में अखलाख के हत्यारों को सरकारी नौकरी दी जा रही है I देश के प्रधानसेवक का भी मूक समर्थन गोरक्षको की हत्यारी भीड़ को मिला हुआ है I दलितों को मारे जाने पर सक्षम ताकत वर भारत देश के प्रधानमंत्री के बजाए एक लाचार बेबस प्रधानमंत्री के रुप में बयान आता है कि मेरे दलित भाइयों को मत मारो मारना है तो मुझे गोली मार दो I नोट बंदी ने सैकड़ो लोग बेमौत मार दिए I
अर्थव्यवस्था में 30 प्रतिशत की गिरावट आ गयी है, किसानो को उनकी उपज का सही मूल्य नही मिल रहा है, किसान आत्म ह्त्या कर रहे है और भाजपाइ आज भी देश में हिन्दू मुस्लिम दंगे करने व दलित उतपीडन का खेल खेल रहे है I देश की साझी विरासत जिस पर सम्पूर्ण विश्व को मानव निर्मित धरोहर के प्रतीक ताज महल पर गर्व है उसे भाजपाईयों की देश धर्म भक्ति नष्ट करने पर आमादा है I देश के गरीब मजदुर किसान दलित अल्पसंख्यको के लिए इस देश के निवासी होने के साथ मानव होने का अर्थ कुछ और ही है I समय समय पर भाजपाई अपनी वाणी से काले नागो से भी ज्यादा समाज में जहर अपनी वाणी से घोलकर अपने इरादे जाहिर भी करते रहते है I भाजपाइयों का एक मात्र लक्ष्य अब येन केन प्रकरण सत्ता प्राप्त करना रह गया है I इसके लिए निर्दोष मानव वध के साथ देश समाज के ताने बाने को किसी भी हद तक तोड़ने के लिए ये लोग तैयार है I जिस संविधान के स्वस्थ मुल्यों के कारण हमारा राष्ट्र खड़ा है वे सारे स्वस्थ मुल्य आज भाजपाइयों की नीतियाँ के कारण दाव पर लगे है I देश के सारे भृष्ट वैचारिक रूप से भृष्ट हो चुकी भाजपा में जाकर आज पवित्र हो रहे है I
ये सब बुरे कर्म भाजपाई सिर्फ सत्ता की आपनी भूख शांत करने के लिए कर रहे है I देश वासियों का ध्यान देश की वास्तविक समस्याओं से हटाकर उन्हें अपने स्वार्थवश पैदा की गई काल्पनिक समस्याओं में भटकाने का काम आज भाजपा के शिखर पर बैठे लोग कर रहे है I देश की आजादी के समय हुए बंटवारे के दंश को 70 वर्षो में हम भूलकर फिर से देश को धर्म जातियों में बांटने में लगे है I ऐसी परिस्तिथियों में देश के बुद्धि जीवीयों पर राष्ट्र को बचाने की दोहरी जिम्मेवारी आ गई है I देश की वर्तमान परिस्थितियों के मूल में भाजपा की विघटनकारी नीतियों का हाथ है I अंग्रेजो के जाने के बाद आज भी फुट डालो और राज करों का फार्मूला देश के प्रधान सेवक और उनकी पार्टी के नेता स्वतंत्र भारत में निर्लज होकर चला रहे है I आज नही तो कल देश को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी I समय रहते देशवासियों को सावधान रहने की आवश्यकता है I




