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लुटेरी दुल्हन जेवर और नकदी लेकर फरार अब पीडित ने लुटेरी दुल्हन और रिश्तेदारों पर मामला कराया दर्ज

लुटेरी दुल्हन जेवर और नकदी लेकर फरार अब पीडित ने लुटेरी दुल्हन और रिश्तेदारों पर मामला कराया दर्ज
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जयपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां लुटेरी दुल्हन जेवर और नकदी लेकर फरार हो गयी। शादी के ढाई महीने के दौरान लुटेरी दुल्हन सिर्फ एक महीने ही ससुराल में रही। शादी के नाम पर पहले 2.50 लाख रुपये लेकर रात में मौका मिलते ही वह जेवर और नकदी लेकर फरार हो गयी। सांगानेर थाने में पीड़ित ने लुटेरी दुल्हन सहित अपने रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। सांगानेर थाने में सेक्टर-3 सांगानेर निवासी 45 साल के व्यक्ति ने मामला दर्ज करवाया है। उसने लुटेरी दुल्हन रितामणी और रिश्तेदार राधामोहन शर्मा, बलराम शर्मा सहित 4-5 लोगों के खिलाफ रुपए हड़पने के लिए प्लानिंग कर अंजाम देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई है।

रिपोर्ट में बताया कि 10 मई 2022 को रिश्तेदार बौलीं सवाईमाधोपुर निवासी राधामोहन शर्मा और निवाई टोंक निवासी बलराम शर्मा उसके पास आए। बातचीत के दौरान राधामोहन शर्मा ने बताया कि उसके ससुराल असाम में रिश्तेदारी में एक लड़की है। जिसकी जयपुर राजस्थान में लड़का देखकर शादी करने की ससुराल वाले कह रहे हैं। हम तुम्हारी शादी उससे करवा देते है। लड़की के मां-बाप गरीब हैं, शादी का खर्चा उठाना पड़ेगा। ऐंठ लिए ढाई लाख रुपए परिजनों से बात करने के बाद तीन-चार दिन बाद युवती व उसके परिजनों को बुलाकर फिर मिले। लड़की से बात करने पर पता चला कि उसका नाम रीतामणि उर्फ पूजा उर्फ पायल है। लड़की को पसंद करने के बाद शादी की बातें होने लगीं।

असम से जयपुर आने के बाद शादी की बात तय हुई। आसाम से लड़की के रिश्तेदारों के आने-जाने के खर्च के नाम पर 50 हजार रुपए ले लिए। लग्न दस्तूर की कहकर दोबारा 50 हजार रुपए ले लिए। 26 मई को शादी जयपुर के देहलावास बालाजी मंदिर में रखी गई। मंदिर में शादी का प्रोग्राम और खाने की व्यवस्था की गई थी। शादी को लेकर लड़की के परिजनों ने पहले फंक्शन में डेढ़ लाख रुपए मांगे थे। भुगतान न होने के कारण लड़की के माता-पिता ने शादी से इनकार कर दिया। जहां सिर्फ शादी का खर्चा तय था, वे डेढ़ लाख की मांग पर अड़े रहे। शादी की पूरी तैयारी और समाज में बदनामी के डर से डेढ़ लाख रुपये दिए गए। रात को गहने-कैश समेटकर हो गई फरार शादी के 10-11 दिन तक उसके साथ घर पर रहा। इसके बाद रीतामणि ने अपने पहर असम के माता-पिता से मिलने की जिद की।

आरोपित राधा मोहन ने रितामणि से यह कहते हुए खर्चा देने को कहा कि वह परिवार वालों से मिलने जाएगा। इसी बीच वह 15 हजार रुपये खर्च कर 7 जून को रिश्तेदारों के साथ चली गई। इसके बाद परिजन 27 जून को रीतामणि को छोड़कर सांगानेर वापस ले गए। डॉक्युमेंट मांगे तो किया टालमटोल पीड़िता ने रिपोर्ट में कहा कि जब उसने राजस्थान में जन आधार के लिए आईडी मांगी तो वह टालमटोल करने लगी।

13 अगस्त की रात वह 25 हजार रुपये, सोने-चांदी के जेवर व कपड़े लेकर फरार हो गया। अगले दिन 14 अगस्त की सुबह जब वह उठा तो पत्नी गायब थी और अलमारी में रखे आभूषण, नकदी और कपड़े गायब थे। परिजनों से संपर्क करने और पत्नी के बारे में पूछने पर उन्होंने वापस आने से इनकार कर दिया।

Desk Editor
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