

जयपुर : वैसे तो राजपूतों द्वारा फिल्म पद्मावत फ़िल्म को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है . पर राजस्थान में उक्त फ़िल्म को लेकर विरोध का सुर कुछ ज्यादा ही तीखा है .किसी हाल में इसे राज्य में रिलीज न किया जा सके, इस प्रयास में आंदोलन की अगुआई कर रही करणी सेना पूरी तरह से जुट गई है. राजस्थान , उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में उत्पाद मचाने के बाद अब सेना के लोग गुडगांव के थिएटर मालिकों को पर्चे बांटकर फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करने की बात कह रहे हैं.
वहीँ,नोएडा में फिल्म के विरोध को लेकर दिन दहाड़े सड़कों पर आगजनी की जा रही है. लगता है कि राजपूतों ने इसे अपनी अस्मिता का सवाल इस फ़िल्म को बना लिया है . कारों की छत पर खड़े होकर नारे लगाए गए. डीएनडी के रास्ते जहां से रोज़ लाखों लोग इसी पुल से होकर दिल्ली और नोएडा आते-जाते हैं , वहां सैकड़ों की संख्या में उत्पातियों ने जमकर कहर बरपाया.उन्होंने ने आते-जाते लोगों को सरेराह पीटा . ऐसा नहीं था कि पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. लेकिन तब तक भीड़ जमकर कोहराम बरपा चुकी थी . राज्य में हिंसा पर उतारू भीड़ ने ग़ज़िया बाद में आगजनी , लखनऊ में हंगामा, मुज़फ्फरनगर में नारेबाज़ी और अहमदाबाद में प्रदर्शन किया जब कि नवसारी में उनका उत्पात कुछ कम नहीं है.
चित्तौड़गढ़ में महिलाएं के हाथों में दिखी तलवार, निकाल रही थी स्वाभिमान यात्रा
जिस तरह से इस फिल्म के रिलीज़ होने से पहले ही विरोध की आग भभक उठी, उससे आश्चर्य ही लगता है क्योंकि मूवी को किसी ने देखी नहीं है लेकिन ना जाने कैसे इस बात का उन्होंने अनुमान लगा लिया गया है कि इसके कारण जाति विशेष का स्वाभिमान लुट गया. चारों तरफ फ़िल्म को लेकर हल्ला ही हल्ला है. नारे पर नारे लगाए जा रहे हैं. आग ही आग है.. और तो और मारने-काटने-तोड़ने की हुंकार मची है. करनी सेना ने राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है . आंदोलन की शुरूआत में चित्तौड़गढ़ को बंद रखा गया और धरना प्रदर्शन किया गया.
वहीँ , इस मूवी को लेकर राज्य की मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे के तेवर सख्त हैं . फिल्म रिलीज़ के खिलाफ वे सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाने को आतुर हैं. प्रदेश में चुनाव करीब हैं और ऐसे में कौन नेता अपने वोट बैंक को खतरे में डालने की जहमत उठाएगा .
पीएम मोदी का गुजरात तक पहुंची विरोध की आग
हिंसा पर उतारू राजपूतों ने गुजरात में राजकोट- मोरबी हाईवे पर टायरों में आग लगाकर रास्ता जाम कर दिया है. 5 किलोमीटर लंबे जाम में फंसे लोग नहीं जानते कि किसी फिल्म और किसी जाति का उन्होंने क्या बिगाड़ा है.
सुप्रीम कोर्ट के फिल्म से बैन हटाने के फैसले के बावजूद फिल्म की गुजरात और राजस्थान में स्क्रीनिंग रोक दी गई है. इन दोनों राज्यों के बाद अब इस फिल्म के विरोध में जुटी करणी सेना की विरोध की आग एनसीआर तक पहुंच चुकी है.
राजकोट- मोरबी हाईवे पर टायरों में आग लगाकर रास्ता जाम कर दिया गया है. 5 किलोमीटर लंबे जाम में फंसे लोग नहीं जानते कि किसी फिल्म और किसी जाति का उन्होंने क्या बिगाड़ा है.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के फिल्म से बैन हटाने के फैसले के बावजूद फिल्म की गुजरात और राजस्थान में स्क्रीनिंग रोक दी गई है. इन दोनों राज्यों के बाद अब इस फिल्म के विरोध में जुटी करणी सेना की विरोध की आग एनसीआर तक को अपनी लपट में ले चुकी है.




