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Rajasthan News: राजस्थान में नहीं थम रहे दलितों पर हमले, अब दलित दूल्हा घोड़े पर बैठा तो पथराव, 12 बाराती घायल

Rajasthan News: राजस्थान के एक बार फिर दलित दूल्हे के घोड़ी पर बैठने पर काफी बवाल हुआ है. वहीं, जयपुर के पास कोटपूतली में दबंगों ने पूरी बारात पर पथराव कर डाला, जिसमें1 दर्जन बाराती जख्मी हुए हैं.

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Rajasthan News: राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर ग्रामीण (Jaipur) के पावटा इलाके में गुरुवार देर रात बवाल हो गया. एक दलित व्यक्ति की बारात पर पथराव हो गया. पथराव की वजह दलित दूल्‍हे के घोड़े पर बैठने को बताया जा रहा है. दलित दूल्‍हे की बारात पर कथित तौर पर हुए पथराव के बाद पुलिस ने कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. घटना में 12 लोग घायल हो गए, एक स्थानीय कांग्रेस विधायक ने पुलिस सुरक्षा के तहत शादी की बारात की रक्षा करने में विफल रहने के लिए प्रागपुरा पुलिस स्टेशन के पूरे स्टाफ को निलंबित (Suspend) करने की मांग की है.

दरअसल, ये घटना कोटपूतली क्षेत्र में पावटा ग्राम पंचायत के किरोड़ी की ढाणी गांव की है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक "एक समुदाय के कुछ शरारती लोगों ने एक दलित व्यक्ति के घोड़े में बैठकर शादी करने पर आपत्ति जताई थी. वहीं, पीड़िता के परिवार वालों ने शादी से पहले शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके चलते पुलिस ने सख्त पहरा तैनात किया था. लेकिन कुछ लोगों ने बारात उठने के दौरान भीड़ पर पथराव कर दिया.

पुलिस ने 10 लोगों पर दर्ज की FIR

पुलिस अधिकारी के अनुसार दी गई शिकायत में शिकायत में, दूल्हे के परिवार ने 20 लोगों का नाम लिया, जिनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, पुलिस अधिकारी ने कहा कि एससी / एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि शिकायत में नामजद 10 अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. वहीं, पुलिस के अनुसार कथित अपराधी राजपूत समुदाय से थे.

पुलिस का दावा- बारात को दी गई थी पूरी सुरक्षा

इस मामले में पुलिस ने बताया कि कैरोड़ी की ढाणी ग्राम पंचायत में बारात को सुरक्षा प्रदान की गई थी. क्योंकि दुल्हन के परिवार को परेशानी हुई थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि हालांकि, जब जुलूस ऊंची जाति के पड़ोस से गुजर रहा था, तो कुछ लोगों ने उस पर पथराव कर दिया. वहीं, पुलिस का कहना है कि SDM और पुलिस सहित स्थानीय प्रशासन ने विभिन्न समुदायों के लोगों के साथ बैठक की और उनसे कानून-व्यवस्था (Law And Order) बनाए रखने को कहा था. SHO ने कहा कि "सभी ने सहयोग का आश्वासन दिया था, लेकिन फिर भी ये पथराव की घटना हुई.

दुल्हन पक्ष के परिजनों ने पत्र लिखकर लगाई थी सुरक्षा की गुहार

इस दौरान दुल्हन पक्ष के एक रिश्तेदार, नितेंद्र मानव ने दावा किया कि यह पुलिस की सबसे बड़ी विफलता थी. क्योंकि घटना पहले से दी गई सूचना के बावजूद और पुलिस की मौजूदगी में हुई थी. वहीं, मानव ने कहा कि दूल्हे, जोकि एक सरकारी शिक्षक है. उसने घोड़ी की सवारी करने की इच्छा व्यक्त की थी. इस मामले को लेकर दुल्हन के पिता ने राजस्थान के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर किसी अप्रिय घटना को लेकर सुरक्षा की मांग की थी.

MLA ने की थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित करने की मांग

गौरतलब है कि इस बीच कांग्रेस विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने थाने के पूरे पुलिस स्टाफ को निलंबित करने की मांग की. उन्होंने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि शादी से 15 दिन पहले पुलिस को सूचना देने के बावजूद ये घटना घटित हुई और थाने के कर्मचारियों को निलंबित किया जाए. उन्होंने दलितों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एक्शन की कार्रवाई के लिए एक स्पेशल कोर्ट स्थापित करने का भी आग्रह किया है.

घोड़ों की सवारी करने के खिलाफ सवर्णों का गुस्सा है काफी दशकों पुराना

बता दें कि दलितों की शादी की बारात में घोड़ों की सवारी करने के खिलाफ सवर्णों का गुस्सा दशकों पुराना है. फिलहाल यह जातिगत पूर्वाग्रह से उपजा है. वहीं, साल 2018 में, उत्तर प्रदेश में एक दलित व्यक्ति ने मंत्रियों को पत्र लिखा और अपने गांव के इतिहास में पहली बार घोड़े की सवारी करने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया, जब उच्च जाति के सदस्यों ने इसका विरोध किया. ऐसे में कथित तौर पर, इसी तरह की एक घटना कुछ दिन पहले 22 नवंबर को बूंदी में हुई थी, एक घोड़ी पर सवार 3 दूल्हों को उच्च जाति के लोगों ने विरोध किया था. उन्होंने एक कार में बैठकर तोरण (अनुष्ठान) किया और यहां तक ​​कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी तैनात किया गया था.

Special Coverage Desk Editor
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