
राजस्थान विधानसभा में विवादित बिल पर मचा हंगामा, BJP विधायक भी आए विरोध में

जयपुर: राजस्थान में विधानसभा सत्र सोमवार को विपक्ष के हंगामे से शुरू हुआ। कांग्रेस ने लोकसेवकों (Public Servant) के खिलाफ केस दर्ज कराने से पहले सरकार से मंजूरी लेने संबंधी बिल में अमेंडमेंट (संधोशन) का मुद्दा उठाया। वहीं विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कार्यवाही में बाधा नहीं पहुंचाने को कहा। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि वे सदन की कार्यवाही ठीक से चलने दें, लेकिन कांग्रेसी विधायक नहीं माने और नारेबाजी करने लगे। बता दें कि इस बिल के दायरे में अफसर ही नहीं, भ्रष्ट नेता भी आएंगे। लॉ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बिल के कई प्रोविजंस असंवैधानिक (Unconstitutional) हैं। वसुंधरा सरकार इस सत्र में CRPC में संशोधन विधेयक समेत 6 बिल पेश करना चाहती है। उधर, इस बिल के खिलाफ हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई है।
बिल के दायरे में अफसरों के साथ ही नेता भी हैं। सरकार ने इस बिल से पहले जारी किए अध्यादेश में लोकसेवक का दायरा बढ़ा दिया। इसके तहत किसी भी कानून के तहत लोकसेवक कहलाने वाले इसमें शामिल कर दिए। यानी कि पंच-सरपंच से लेकर विधायक तक पर सरकार की मंजूरी के बिना केस दर्ज नहीं हो पाएगा।
Govt wants to cover up their own corruption. We'll submit memorandum to Pres: Sachin Pilot on Criminal Laws (Rajasthan Amendment) ordinance pic.twitter.com/zJIbB6dGHi
— ANI (@ANI) October 23, 2017
भाजपा के विधायक घनश्याम तिवारी व माणकचंद सुराणा ने सदन के अंदर इसका विरोध किया और कहा कि सरकार ने आपातकाल जैसी स्थिति ला दी है। तिवारी इस विधेयक का विरोध करते हुए सदन से बाहर चले गये। सदन शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने बोलना शुरू कर दिया और विधेयक का विरोध किया। सदन में आज हंगामा भी हुआ।
इस विधेयक का विरोध जताने के लिए कांग्रेस के विधायक आज मुंह पर काली पट्टी बांध कर एवं गले में तख्ती लटका कर विधानसभा पहुंचे। वे पश्चिम द्वार से विधायक आवास से पदयात्रा करते हुए विधानसभा पहुंचे थे। इस विधेयक के विरोध में कांग्रेस के विधायक राज्यपाल कल्याण सिंह से मिल कर उन्हें ज्ञापन भी देंगे।
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