

बाबा नीम करोरी महाराज की महिमा का कोई अंदाज नहीं लगा सकते हो. बाबा जिस पर अपनी क्रपा दिखादें उसके सभी बिगड़े काम कब बन जाएँ कोई भरोसा नहीं है. ऐसा ही एक चमत्कार बाबा का सुनकर आप का मन खुश हो जायेगा.
श्रीमती सावित्री देवी, नैनीताल मे अध्यापिका है. जिगर की ख़राबी के कारण आप ढाई वर्ष परेशान रही. यहाँ तक कि स्वास्थ्य इतना गिर गया कि आपको अस्पताल भर्ति होना पड़ा. डाक्टरों ने जवाब सा दे दिया. आपके पति श्री रमेश चन्द्र चौधरी हतोत्साहित हो गये. वे सीधे कैंची आश्रम बाबा के पास आये और चरणों में गिर कर बोले," मारिये , चाहे बचाइये." अब स्थिति मेरे बस में नही. " करूणासागर इनका आत्मबल बजाते हूये बोले ," मरना कोई खेल है. बहू अभी बहूत बचेगी. डाक्टर झूठ बोलते है. " बाबा ने एक फूल उठाकर चौधरी जी को देते हूये कहा," बहू को दे देना. " इस फूल को लेकर वे अस्पताल पहुँचे और उसे अपनी पत्नी के सिर पर रख दिया. धीरे धीरे सावित्री जी की दशा में सुधार आता चला गया और कूछ ही दिनों में वे पूर्णता स्वस्थ हो गयी.
बाबा का ये चमत्कार सुनकर लोंगों में बाबा के प्रति श्रद्धा अपार बढ़ जाती है. भक्त जय जय कार करने लगते है बाबा बड़े ही दयालु है. कब किस पर क्रपा कर दें कहा नहीं जा सकता है.




