मालाबार विद्रोह के 100 साल और भाजपा-आरएसएस का मुर्गावलोकन..

'मालाबार विद्रोह' के 100 साल और भाजपा-आरएसएस का मुर्गावलोकन..

मालाबार विद्रोह के निर्मम दमन के महज 3 साल बाद 1924 में अंग्रेजों के 'वीर' बन चुके सावरकर ने मालाबार विद्रोह पर 'मोपला' (Moplah) नाम से एक उपन्यास लिखा और इस शानदार क्रांतिकारी घटना को एक दंगा घोषित...

20 Sept 2021 11:43 AM IST
स्मृतियां और सपने..

स्मृतियां और सपने..

सबके साथ अपना-अपना वर्तमान है. वह चाहे जैसा हो. प्रत्येक व्यक्ति उसे जानने की कोशिश में है. सच यह है कि हमारा वर्तमान भी दूसरों के हाथ में गिरवी पड़ा है

20 Sept 2021 11:35 AM IST