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चाहे एशिया कप हो या विश्वकप खेलेगा यही खिलाड़ी, यह खबर हो गई वायरल

चाहे एशिया कप हो या विश्वकप खेलेगा यही खिलाड़ी, यह खबर हो गई वायरल
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चाहे एशिया कप हो या विश्वकप। संजू सैमसन की जगह ऋषभ पंत खेलेगा। यह बात भारतीय क्रिकेट टीम में पत्थर की लकीर हो गई है। इसके खिलाफ ना कोई कुछ बोलता है और ना ही कुछ सुनना चाहता है। हां, इतना जरूर कहा जाता है कि ऋषभ पंत आईपीएल में अच्छी बल्लेबाजी करते हैं। बात एक हद तक सही भी है। पंत ने आईपीएल में अब तक 98 मुकाबले खेले हैं और 147 की स्ट्राइक रेट से 2838 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 34 का रहा है। तो क्या आईपीएल में बढ़िया प्रदर्शन इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह दिलाने के लिए काफी है? जगह मिलने के बाद अगर खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम के अनुरूप प्रदर्शन ना कर पा रहा हो तो भी उसे टीम में बरकरार रखा जाना चाहिए...!

मामला समझ में नहीं आया होगा। आज ढंग से समझाते हैं। भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा T-20 बारिश के कारण टाई होने के बाद सीरीज 1-0 से जीत चुका है। एक और पेटीएम बायलेटरल सीरीज जीतने के लिए समूचे हिंदुस्तान को झोली भर कर शुभकामनाएं...! द्विपक्षीय सीरीज में मजाल है जो कोई हमको हरा दे। इस जश्न के माहौल के बीच भी थोड़ा सा गम है। मामला यह कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था और दूसरे मुकाबले में ऋषभ ने 11 गेंदों पर 6 रनों की जोरदार पारी खेली। हालांकि सूर्या के बल्ले के शतकीय तूफान के शोर में उनकी नाकामी दब गई। तीसरे T-20 में भारत 160 चेज कर रहा था और ऋषभ 5 गेंदों पर 11 रन बनाकर चलते बने। इसे कहते हैं गैर जिम्मेदारी की पराकाष्ठा...! उनकी वजह से वर्ल्ड कप के बाद इस सीरीज में भी संजू को मौका नहीं दिया गया।

हालांकि वर्ल्ड कप में और इस द्विपक्षीय सीरीज में आसमान जमीन का फर्क है। वर्ल्ड कप में तो संजू को 15 खिलाड़ियों में ही नहीं चुना गया था लेकिन इस बार उनको टॉप 15 में लेकर बेंच पर बिठा दिया गया। वर्ल्ड कप के समय कहा गया कि दिनेश कार्तिक बेहतर ऑप्शन हैं लेकिन इस बार तो वह बहाना भी नहीं था। संजू जिस तरह एक्स्ट्रा खिलाड़ी की लाल जर्सी पहनकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, उनकी उदास आंखें देखकर करोड़ों क्रिकेट फैंस की आंखें भी नम हो गईं। ऋषभ पंत ने भारत के लिए 66 टी-20 मुकाबले खेले हैं और केवल 3 अर्धशतक लगाए हैं। यह भी तब जब 38 दफा उन्हें टॉप 4 में बल्लेबाजी करने का मौका दिया गया है। सोचिए कि अगर ये अवसर संजू को मिलते तो क्या आज हालात अलग नहीं होते? टीम मैनेजमेंट को लगा विराट और सूर्या के रहते मिडिल ऑर्डर में जगह नहीं बन रही तो खराब फॉर्म से जूझ रहे राहुल की बजाय पंत को बतौर ओपनर आजमा कर देखते हैं।

ऋषभ ने अब तक 5 टी-20 मुकाबलों में भारत के लिए ओपनिंग की है और 14 की बेहद खराब औसत से केवल 71 रन बनाए हैं। 6 दफा उन्होंने विराट वाली पोजीशन यानी नंबर तीन पर बल्लेबाजी की है। वहां पर भारत के लिए ऋषभ ने इन मुकाबलों में 29 की औसत से सिर्फ 117 रन जड़े हैं। ऋषभ को बीच में फिनिशर बनाने की कोशिश भी हुई थी लेकिन नंबर 6 पर खेलते हुए 3 मुकाबलों में 14 की औसत से वह केवल 28 रन बना सके। तो अब क्या? अगर कोई खिलाड़ी T-20 इंटरनेशनल में बतौर ओपनर, बतौर मिडल ऑर्डर बैट्समैन और बतौर फिनिशर सुपर फ्लॉप रहा हो तो उसे कितनी दफा आजमाया जाना चाहिए...! वैसे लग तो यही रहा है कि इंडियन टीम मैनेजमेंट का वश चले तो पंत को मौका देने की खातिर 2-4 वर्ल्ड कप और कुर्बान कर दें।

जहां पर हाल ही में भारत का T-20 वर्ल्ड कप जीतने का ख्वाब टूटा, उस ऑस्ट्रेलिया में T-20 इंटरनेशनल में ऋषव का बल्लेबाजी औसत 7.25 का है। जिस इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में भारत को 10 विकेट से धोया, उसकी सरजमीं पर ऋषभ T-20 इंटरनेशनल में 13.50 की औसत से बल्लेबाजी करते हैं। हद तो यह कि श्रीलंका में भी ऋषभ T-20 में केवल 15 की एवरेज से और भारत में 20 की औसत से रन बनाते हैं। T-20 इंटरनेशनल में न्यूजीलैंड में 22 और यूएई में ऋषभ का औसत 32 है। अमेरिका में भी ऋषभ ने भारत की तरफ से टी-20 मुकाबले खेले, जहां उनका एवरेज 16 रहा। इतना लचर प्रदर्शन करने के बावजूद ऋषभ को T-20 इंटरनेशनल में लगातार मौके दिए जाना भारतीय टीम मैनेजमेंट के अड़ियल रवैये पर कई सवाल खड़े करता है।

दूसरी तरफ संजू ने अपने T-20 करियर में 226 मुकाबले खेलकर 5612 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 35 अर्धशतक और 3 शतक लगाए हैं। सर्वश्रेष्ठ स्कोर के तौर पर संजू के बल्ले से 119 रन आए हैं। यह खिलाड़ी बतौर ओपनर और बतौर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज काफी सफल रहा है। अगर केएल राहुल को टी-20 से रिप्लेस करने की बात है तो ऋषभ से कहीं बेहतर ऑप्शन संजू नजर आते हैं। वह हर दफा पावरप्ले में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाते हैं। अगर भारत को 2024 T-20 वर्ल्ड कप के लिए खुद को तैयार करना है तो अभी से यह बड़ा बदलाव किया जाना चाहिए। टीम में बतौर विकेटकीपर और बतौर ओपनर पंत की जगह सैमसन को मौका दिया जाना चाहिए।

नहीं होगी पूरे हिंदुस्तान को जीत की टेंशन

अगर पंत की जगह टीम में खेलेगा सैमसन

साभार Lekhanbaji

Shiv Kumar Mishra
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