
रवींद्र जडेजा के ट्वीट से मची खलबली, इस पूर्व क्रिकेटर को लताड़ा, कहा- आपकी बहुत बकवास सुन चुका?

टीम इंडिया के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर पर हमला बोला है. जडेजा ने ट्वीट करके कहा 'मैं आपसे दोगुने मैच खेल चुका हूं. ऐसे लोगों का सम्मान करना सीखें, जिन्होंने कुछ हासिल किया है. मैंने आपके वर्बल डायरिया के बारे में बहुत सुना है.'
बता दें कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा था कि वह इस वक्त ऐसे खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में नहीं देखना चाहते जो किस्तों में परफॉर्म करता हो. मांजरेकर ने कहा कि मुझे वह खिलाड़ी नहीं पसंद जो किस्तों में परफॉर्म करते हैं, जैसे कि आजकल जडेजा वनडे में परफॉर्म कर रहे हैं. वहीं, टेस्ट मैचों में वह पूरी तरह से गेंदबाज हैं.
Still i have played twice the number of matches you have played and i m still playing. Learn to respect ppl who have achieved.i have heard enough of your verbal diarrhoea.@sanjaymanjrekar
— Ravindrasinh jadeja (@imjadeja) July 3, 2019
प्लेइंग-11 में शामिल न किए जाने पर बहन ने जताई थी नाराजगी
इससे पहले इंडियन क्रिकेट टीम के प्लेइंग इलेवन में रवींद्र जडेजा को शामिल न किए जाने से उनकी बहन नैना जडेजा ने नाराजगी जताई थी. नैना जडेजा ने कहा था कि जब दूसरे खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं तो रवींद्र जडेजा को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है? जडेजा के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 10 साल का अनुभव है. नैना जडेजा ने कहा कि रवींद्र आईसीसी रैंकिंग में नंबर 1 ऑलराउंडर थे और आईसीसी रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज भी रह चुके हैं. फिर भी उनकी अनदेखी मेरी समझ से परे है.
बैटिंग कोच संजय बांगड़ ने बताया था प्लेइंग-11 का विकल्प
भारत के मध्यक्रम के फ्लॉप होने के बाद भारतीय टीम के सहायक कोच संजय बांगर ने कहा था कि टीम प्रबंधन के पास रवींद्र जडेजा को भी अंतिम-11 में शामिल करने का विकल्प है, जिसके बारे में वह निश्चित तौर पर विचार करेंगे. हालांकि बांगर ने बाद में कहा कि चहल और कुलदीप का इंग्लैंड के खिलाफ विफल होना कभी-कभार होने वाली बात है.
इस वर्ल्ड कप में भारत ने अब तक 8 मुकाबले खेले हैं. हालांकि इन 8 मुकाबलों में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में भारतीय टीम के बॉलिंग ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को जगह नहीं मिली है. वहीं, जडेजा सब्स्टिट्यूट फील्डर के तौर पर टीम के लिए गेम चेंजर साबित हो रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने मैक्सवेल का कैच लिया था, जो टीम इंडिया की जीत में अहम साबित हुआ. इसी तरह इंग्लैंड के खिलाफ भी वे टीम से बाहर थे, लेकिन फील्डिंग करते हुए उन्होंने 2 कैच पकड़े. इसमें एक कैच जेसन रॉय का था, जिसे उन्होंने बाउंड्री के पास डाइव लगाते हुए पकड़ा. उनके इस कैच की वजह से इंग्लैंड की टीम 350 के पार नहीं पहुंच पाई थी.




