
B'DAY SPL: शांतिप्रिय राहुल द्रविड़ को भी आता था गुस्सा, जब ड्रेसिंग रूम में फेंकी थी कुर्सी

भारतीय क्रिकेट की 'दीवार' और 'मिस्टर भरोसेमंद' कहलाए जाने वाले जैमी का आज 47वां जन्मदिन है। 11 जनवरी 1973 को इंदौर में पैदा हुए इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कई मौकों पर न सिर्फ टीम को संकट से उबारा बल्कि जीत भी दिलाई। मगर क्या आपको पता है कि स्वभाव से बेहद शांत और शर्मिले माने जाने वाले राहुल को हार पसंद नहीं थी, एक बार तो वह इतने गुस्से में थे कि कुर्सी ही उठाकर फेंक दी थी।
2006 में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट गंवाने के बाद कप्तान द्रविड़ ने गुस्से में ड्रेसिंग रूम में कुर्सी उठाकर फेंकी थी। दरअसल, उस जीत के साथ ही इंग्लैंड की टीम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर करने में कामयाब रही थी।
द्रविड़ पर लिखी गई किताब 'राहुल द्रविड़: द टाइमलेस स्टील' में विजेता ने अपने एक कॉलम में लिखा है कि, 'मुझे याद है जब द्रविड़ वह टेस्ट मैच खेलकर वापस होटल लौटे तो उन्होंने मुझे कहा कि मैं आज काफी गुस्से में था, मैंने अपना संयम खो दिया। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। इसके अलावा उन्होंने उस रोज मुझसे इस बारे में आगे कुछ नहीं कहा। इस घटना के कुछ माह बाद सहवाग ने भी कबूला था कि, 'मुंबई टेस्ट हारने के बाद राहुल भाई को पहली बार इतने गुस्से में देखा था।
द्रविड़ को मैदान पर कम ही गुस्सा करते हुए देखा गया, लेकिन एक बार वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में भड़क उठे थे। दरअसल, 2004 में भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर थी। इस दौरान मैच फिक्सिंग के सवाल पर उन्होंने एक पत्रकार को बाहर निकालने तक की बात कह दी थी। द्रविड़ ने तब कहा था, 'ये बकवास है। इस शख्स को कोई बाहर निकालो। इस तरह की बातें खेल के लिए खराब हैं।'
द वॉल' के रिकॉर्ड्स
टीम इंडिया की ओर से महज दो ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में 10,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर के अलावा द्रविड़ ने टेस्ट 13,288 रन बनाए हैं, जिसमें 36 शतक और 63 अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में द्रविड़ ने 10,889 रन बनाए हैं. जिसमें उनके 12 शतक शामिल हैं।
फील्डर के तौर पर सबसे ज्यादा कैच लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड द्रविड़ के नाम दर्ज है। उन्होंने 301 पारियों में 210 कैच लपके. महेला जयवर्धने 205 कैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। जबकि जैक्स कैलिस ने अपने टेस्ट करियर 200 कैच लपके।
द्रविड़ की कप्तानी में भारत को साउथ अफ्रीका की धरती पर पहली टेस्ट विजय मिली थी. दिसंबर 2006 दौरे के जोहानिसबर्ग टेस्ट में भारत ने मेजबान टीम को 123 रनों से पीटा था। इसके अलावा द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड में भारत को 21 साल बाद (1986 के बाद 2007 में) टेस्ट में सीरीज जीत हासिल हुई थी।
द्रविड़ को 2004 में आईसीसी का साल का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर और साल का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर भी चुना गया था। 2018 में उन्हें आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।




