
सौरव गांगुली के खिलाफ अब बंगाल क्रिकेट संघ में बगावत, जा सकती है कुर्सी

नई दिल्ली: सौरव गांगुली के खिलाफ बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) में ही अब बगावत के सुर उठने लगे हैं. बता दे बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के संयुक्त सचिव ने शुक्रवार को कैब अध्यक्ष सौरव गांगुली को पत्र भेजकर कहा कि अगर उन्हें 'कूलिंग ऑफ' पर जाने के लिए बाध्य किया जाता है तो लोढ़ा समिति के अनुसार यही नियम इस महान क्रिकेटर पर भी लागू होता है.
सुबीर आईपीएल संचालन परिषद के पूर्व सदस्य और कैब के अनुभवी रह चुके हैं. वह राज्य संघ में पूर्व कोषाध्यक्ष बिस्वरूप डे के साथ सौरव गांगुली के विरोधी ग्रुप का हिस्सा हैं. सुबीर गांगुली तीन पेज के इस पत्र में लिखा, ''अगर आप मुझे संयुक्त सचिव के पद पर जारी रखने के लिये मुझे अमान्य करार कते हो तो लोढा समिति की सिफारिशों के अनुसार आप भी जारी नहीं रह सकते और इसके अनुसार 'कूलिंग ऑफ' का तीन साल का समय आपके खिलाफ भी लागू होगा. आपको भी तुरंत प्रभाव से अपना पद छोड़ना होगा.''
बता दे लोढ़ा समिति ने नियमों को साफ करते हुए कहा था कि बीसीसीआइ व उसके राज्य संघों के पदाधिकारियों को तीन साल पूरे होते ही कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना पड़ेगा. हालांकि अब भी लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है.
सुबीर को हाल ही में संयुक्त सचिव के उनके पद से इस्तीफा देने की सलाह दी गई थी. सुबीर ने हाल ही में राज्य संघ में पदाधिकारी के रूप में नौ साल पूरे करने किए हैं. सुबीर ने वकील से बात करने के बाद कहा कि उनका कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है.
जब सौरव गांगुली से बात की गई तो उन्होंने सुबीर गांगुली की टिप्पणी पर कुछ भी कहने से मना कर दिया. लेकिन ये जरूर कहा कि सुबीर संघ में नौ साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं इसलिए उन्हें पद से हटने के लिए कहा गया है और ये फैसला मेरा नहीं कैब की वर्किंग कमिटी का है.
हालांकि सौरव गांगुली के लिए इन मुश्किल हालात से निकलना इतना आसान भी नहीं होगा.




