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25 साल की उम्र में विश्व चैंपियन बनने वाली मुक्केबाज निखत जरीन की कहानी आपको जरूर पढ़नी चाहिए

मेरा सपना रहा है कि एक दिन मैं ट्विटर पर ट्रेंड करूं और अगर मैं आज कर रही हूं तो ये जानकर मुझे बहुत खुशी हो रही है."

25 साल की उम्र में विश्व चैंपियन बनने वाली मुक्केबाज निखत जरीन की कहानी आपको जरूर पढ़नी चाहिए
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Nikhat Zareen : भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन गुरुवार को इस्तांबुल में महिला विश्व चैंपियनशिप के फ्लाइवेट (52 किग्रा) वर्ग के एकतरफा फाइनल में थाईलैंड की जिटपोंग जुटामस को 5-0 से हराकर विश्व चैंपियन बन गई हैं. तेलंगाना की मुक्केबाज जरीन ने थाईलैंड की प्रतिद्वंद्वी को सर्वसम्मत फैसले से हराया. इस जीत के साथ जरीन विश्व चैंपियन बनने वाली सिर्फ पांचवीं भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई है.

इस जीत के साथ 2019 एशियाई चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता जरीन विश्व चैंपियन बनने वाली सिर्फ पांचवीं भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं। छह बार की चैंपियन एमसी मैरीकोम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006) और लेखा केसी इससे पहले विश्व खिताब जीत चुकी हैं।

भारत का चार साल में इस प्रतियोगिता में यह पहला स्वर्ण पदक है। पिछला स्वर्ण पदक मैरीकोम ने 2018 में जीता था। पच्चीस साल की जरीन ने दमदार मुक्के बरसाते हुए जुटामस पर दबदबा बनाया। जुटामस ने बेहतर शुरुआत की लेकिन जरीन ने जल्द ही वापसी करते हुए अपना पलड़ा भारी कर दिया।

जब निखत को एक पत्रकार ने बताया कि वह ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हैं तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, उन्होंने कहा, "क्या सच में मैं ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हूं, मेरा सपना रहा है कि एक दिन मैं ट्विटर पर ट्रेंड करूं और अगर मैं आज कर रही हूं तो ये जानकर मुझे बहुत खुशी हो रही है."

"जिस तरह की रुकावटें मेरे रास्ते में आईं उसने मुझे मज़बूत बनाया है. ख़ास कर मेरी चोट ने मुझे मानसिक तौर पर मज़बूत बनाया चाहे कुछ भी हो जाए मुझे रुकना नहीं है. फ़ाइनल डे के दिन जब मैं सुबह उठी तो ऊपर वाले को याद किया और आराम किया. पूरे दिन मैं फ़ाइनल में मेरे मूवमेंट कैसे होंगे उसके बारे में सोचती रही."

पीएम मोदी ने दी बधाई

इस बेहतरीन जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी निखत को बधाई देते हुए ट्वीट किया, " हमारे मुक्केबाजों ने हमें गौरवान्वित किया है! महिला विश्व मुक्केबाज़ी चैम्पियनशिप में शानदार स्वर्ण जीतने के लिए मैं निखत ज़रीन को बधाई देता हूं. इसके साथ ही इस प्रतियोगिता में मनीषा मौन और परवीन हुड्डा को भी कांस्य जीतने के लिए बधाई."

निखत ज़रीन का जन्म तेलंगाना के निजामाबाद में 14 जून 1996 को हुआ था. उनके पिता का नाम मुहम्मद जमील अहमद और माता का नाम परवीन सुल्ताना है. इस भारतीय स्टार ने 13 साल की उम्र में बाक्सिंग ग्ल्बस से दोस्ती कर ली थी. वो भारतीय मुक्केबाजी की लीजेंड एमसी मैरीकाम को अपना आदर्श मानती हैं.

मैरी कॉम से भिड़ने वाली बॉक्सर

25 साल की तेलंगाना से आने वाली निखत ज़रीन ने खेल मंत्री किरेन रिजिजू से 6 बार की विश्व विजेता रही मैरीकॉम के साथ एक मैच कराने की मांग की थी. ये मैच टोक्यो ओलंपिक में क्वालीफ़ाई करने के लिए था. ये मैच हुआ और निखत, मैरीकॉम से 1-9 से हार गईं. इस मैच के बाद मैरी कॉम ने निखत से हाथ तक नहीं मिलाया था. इस मैच में मिली करारी हार के बाद निखत को ट्रोल किया गया.

मैरीकोम ने 2018 में भारत के लिए पिछला स्वर्ण पदक जीता था। महिला विश्व चैंपियनशिप में अब भारत के नाम 39 पदक हो गए हैं जिसमें 10 स्वर्ण, आठ रजत और 21 कांस्य पदक शामिल हैं।

Arun Mishra

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Assistant Editor of Special Coverage News
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